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हॉकिंग ने शून्य गुरुत्व में उड़ान भरी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मशहूर ब्रिटिश भौतिक वैज्ञानिक स्टीफ़न हॉकिंग ने विशेष रूप से तैयार किए गए विमान में बिना गुरुत्वाकर्षण बल वाले क्षेत्र में सफलतापूर्वक उड़ान पूरी कर ली है. 'ए ब्रीफ़ हिस्ट्री ऑफ़ टाइम' जैसी मशहूर किताब लिख चुके स्टीफ़न हॉकिंग को एएलएस नाम की असाध्य बीमारी है. इस बीमारी में मांसपेशियाँ काम करना बंद कर देती हैं. विकलांगता के बावजूद स्टीफ़न हॉकिंग ने अपने व्हीलचेयर पर इस उड़ान को बिना किसी रुकावट या असुविधा के पूरा किया. नासा के केनेडी अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरने के बाद विमान एक घंटे से भी अधिक समय तक आकाश में रहा और तक़रीबन 25-25 सेकेंड के कई चरण शून्य भार वाले यानी बिना गुरुत्वाकर्षण बल वाले क्षेत्र में गुजारे. विशेष रूप से तैयार किए गए बोइंग 727 जेट विमान ने अटलांटिक महासागर के ऊपर से गुजरते वक़्त बिना गुरुत्व वाले क्षेत्र में उड़ान भरी. इससे स्टीफ़न हॉकिंग अंतरिक्ष में जाने के अपने सपने के एक क़दम और क़रीब पहुँच गए हैं. उड़ान के बाद हॉकिंग ने कहा,''बिना गुरत्वाकर्षण बल वाले क्षेत्र में उड़ना शानदार था. मैं और ऊपर जा सकता था.'' शुरू में आयोजकों ने एक से तीन बार बिना गुरुत्व वाले क्षेत्र में जाने की योजना बनाई थी लेकिन बाद में आठ बार ऐसा किया गया और स्टीफ़न हॉकिंग कुल मिलाकर चार मिनट तक भार विहीन रहे. अमरीकी फ़र्म जीरो ग्रेवटी इस उड़ान के लिए यात्रियों से 3,750 डॉलर किराया लेता है लेकिन स्टीफ़न हॉकिंग से यह शुल्क नहीं लिया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें मंगल ग्रह से मिली अंतरिक्ष-यान को ऊर्जा25 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान सुनीता ने लगाई अंतरिक्ष में लंबी दौड़17 अप्रैल, 2007 | विज्ञान इसरो के यान का सफल परीक्षण22 जनवरी, 2007 | विज्ञान हॉकिंग के लिए भारत में सॉफ्टवेयर28 अक्तूबर, 2004 | विज्ञान शून्य गुरुत्वाकर्षण में ऑपरेशन की तैयारी27 सितंबर, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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