|
अंतरिक्ष केंद्र पर शौच की समस्या | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर मौजूद अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष यान डिस्कवरी के वहाँ पहुँचने का बेताबी से इंतज़ार कर रहे हैं. डिस्कवरी उनके लिए एक पंप लेकर शनिवार को उड़ान भरने वाला है जिससे अंतरिक्ष स्टेशन पर बने शौचालय में आई ख़राबी को ठीक किया जा सके. अंतरिक्ष केंद्र के शौचालय की मलत्याग इकाई ठीकठाक काम कर रही है लेकिन कई दिनों से मूत्र की इकाई में गड़बड़ी आ गई है. अमरीकी अंतरिक्ष संगठन राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन (नासा) ने कहा कि उसे लगता है कि मल और मूत्र को अलग करने वाला पंप सही से काम नहीं कर रहा है. इसके कारण अंतरिक्ष केंद्र पर मौजूद पुरुष सदस्य उसे हाथ से चला रहे हैं. शौचालय ठीक करने के लिए पंप के अलावा जो सामान अंतरिक्ष केंद्र भेजने हैं उसके लिए जगह बनाने की ख़ातिर डिस्कवरी से दूसरी चीज़ें उतारनी पड़ी है. डिस्कवरी के ढुलाई प्रबंधक स्कॉट हिग्गिनबोथम कहते हैं, "साफ़ तौर पर वहाँ चालू हालत में एक शौचालय हमारी प्राथमिकता है." डिस्कवरी की यात्रा उन तीन खेपों में दूसरी खेप है जिससे अंतरिक्ष केंद्र में बन रही जापान की 'किबो प्रयोगशाला' के सामान भेजे जा रहे हैं. मशीन नहीं कर रहे काम
अंतरिक्ष के पेशाबघरों में हवा के तेज़ झोंकों की मदद से एक नली के द्वारा पेशाब को को नीचे एक जगह जमा किया जाता है जहाँ से उसे गैस और तरल रूप में अलग कर दिया जाता है. नासा ने अपनी वेबसाइट पर बताया है अंतरिक्ष केंद्र पर मौजूद अतंरिक्ष यात्रियों को पहली बार गड़बड़ी का पता तब चला जब उनलोगों ने एक भारी आवाज़ सुनी और फिर पंखे ने काम करना बंद कर दिया. नासा ने कहा है कि यात्रियों ने शौचालय के कई हिस्से अलग किए लेकिन उन्हें इस समय पंप को हाथ से ही चलाना पड़ रहा है. अंतरिक्ष केंद्र में बना शौचालय रूस का बना हुआ है और नासा का एक कर्मचारी उसे ठीक करने का सामान लेकर रूस से पहुँच गया है. नासा ने कहा कि शौचालय ठीक करने के लिए पंप और करीब 16 किलोग्राम वजन के दूसरे सामान भेजे जा रहे हैं. एक समय तो अंतरिक्ष यात्रियों को वैकल्पिक उपायों का इस्तेमाल करने कहा गया. हालाँकि शौचालय की मल इकाई ठीकठाक काम कर रही है. |
इससे जुड़ी ख़बरें अंतरिक्ष में मानव मिशन की रिपोर्ट तैयार05 अप्रैल, 2008 | विज्ञान भारत से इसराइली उपग्रह का प्रक्षेपण21 जनवरी, 2008 | विज्ञान चीन का चंद्रयान रवाना हुआ24 अक्तूबर, 2007 | विज्ञान स्पुतनिक के प्रक्षेपण के 50 साल04 अक्तूबर, 2007 | विज्ञान रूस ने अंतरिक्ष में चूहे भेजे 16 सितंबर, 2007 | विज्ञान दुनिया का सबसे बड़ा टेलीस्कोप तैयार13 जुलाई, 2007 | विज्ञान हॉकिंग ने शून्य गुरुत्व में उड़ान भरी27 अप्रैल, 2007 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||