|
डिप्रैशन की दवाई का असर कितना! | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक ताज़ा शोध में कहा गया है कि कुछ लोग डिप्रैशन यानी अवसाद का मुक़ाबला करने के लिए जो दवाइयाँ खाते हैं, दरअसल ज़्यादातर मरीज़ों पर उन दवाइयों का कोई ख़ास असर ही नहीं होता है. ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ़ हल की एक शोध टीम ने निष्कर्ष निकाला है कि ये दवाइयाँ ऐसे बहुत कम ही लोगों पर असर करती हैं जो बहुत ज़्यादा अवसाद का शिकार होते हैं. मानसिक स्वास्थ्य के लिए काम करने वाली चैरिटी संस्था 'सेन' के अध्यक्ष मर्जोरी वैलॉस का कहना है कि अगर इस निष्कर्ष की स्वतंत्र पुष्टि हो जाती है तो ये नतीजे बहुत परेशान करने वाले हो सकते हैं. लेकिन दो अवसाद निरोधक दवाइयाँ - प्रोज़ैक और सीरोक्ज़ैट बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि वे इन निष्कर्षों से सहमत नहीं हैं. सीरोक्ज़ैट बनाने वाली कंपनी ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन का कहना है कि इस शोध में सिर्फ़ थोड़ी सी जानकारी का इस्तेमाल किया गया है जबकि क्षेत्र में बहुत सी जानकारी और शोध मौजूद हैं. प्रोज़ैक बनाने वाली एली लिली कंपनी का कहना है, "विस्तृत वैज्ञानिक और चिकित्सा अनुभवों से पुष्टि होती है कि यह अवसाद का मुक़ाबला करने में एक असरदार दवाई है." इस शोध के बावजूद अवसाद निरोधक दवाइयाँ खाने वाले मरीज़ों को सलाह दी गई है कि वह डॉक्टर से सलाह लिए बिना दवाई खाना बंद ना करें. शोधकर्ताओं ने यह स्वीकार किया है कि बहुत से मरीज़ मानते हैं कि अवसाद निरोधक दवाइयाँ असरदार तरीके से काम करती हैं लेकिन लेकिन उनका तर्क है कि ऐसा शायद इसलिए होता है कि मरीज़ इस मानसिक स्थिति में रहते हैं कि वे अवसाद का मुक़ाबला करने के लिए दवाई का रहे हैं और बस यही मनोवैज्ञानिक स्थिति उनकी हालत सुधारने में मदद करती है. यूनिवर्सिटी ऑफ़ हल ने यह शोध पीएलओएस मेडिसिन नामक पत्रिका में छापा है. इस टीम ने चिकित्सा जानकारियों और शोध नतीजों की समीक्षा की और कुछ ऐसी जानकारी का भी इस्तेमाल किया जो सूचनाधिकार की स्वतंत्रता के तहत हासिल की गई. | इससे जुड़ी ख़बरें 'आयुर्वस्त्र' पहनना ही काफ़ी नहीं28 जनवरी, 2008 | विज्ञान अवसाद दूर करने की 'कसरती' गोली03 दिसंबर, 2007 | विज्ञान तकरार से हो सकता है दिल बीमार10 अक्तूबर, 2007 | विज्ञान तनाव मारता है दिमाग़ की कोशिकाएँ14 मार्च, 2007 | विज्ञान नींद पूरी ना होय तो...10 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान महिलाओं में 'शराब से डिप्रेशन अधिक' 04 जनवरी, 2007 | विज्ञान 24/7 जीवन शैली के ख़तरनाक प्रभाव08 सितंबर, 2006 | विज्ञान दबाव से बढ़ सकता है रक्तचाप01 जुलाई, 2006 | विज्ञान इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||