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शुक्रवार, 08 सितंबर, 2006 को 11:52 GMT तक के समाचार
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24/7 जीवन शैली के ख़तरनाक प्रभाव
चिंता और तनाव
एक ताज़ा सर्वेक्षण में कहा गया है कि आधुनिक जीवन की तेज़ रफ़्तार स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ी चिंता बनती जा रही है.

इस सर्वेक्षण में जिन लोगों ने हिस्सा लिया उन्होंने व्यायाम की कमी, नींद पूरी नहीं होना, थकान और तनाव पाँच सबसे बड़ी चिंताएँ बताईं. इनके साथ ही परोक्ष धूम्रपान और शराब पीना चिंता की सारणी में काफ़ी नीचे आ गया है.

ब्रिटेन की एक कंपनी लीगल एंड जनरल ने इस सर्वेक्षण में लगभग पाँच हज़ार लोगों से पूछताछ की. इनमें लगभग दो तिहाई महिलाओं ने जीवन शैली से जुड़े मुद्दों को चिंता का कारण बताया जबकि ऐसा बताने वाले पुरुषों की संख्या 58 प्रतिशत रही.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्वेक्षण के नतीजों में वे दबाव नज़र आते हैं जो सातों दिन और चौबीसों घंटा चलने वाली तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी की वजह से पैदा हो रहे हैं.

सर्वेक्षण में लोगों से पूछा गया कि पिछले तीन महीने के दौरान किस बारे में वे सबसे ज़्यादा चिंतित थे. कसरत की कमी सबसे बड़ी स्वास्थ्य चिंता के रूप में सामने आई और ऐसा कहने वाले लोगों की संख्या 48 प्रतिशत थी.

नींद की कमी बताने वालों की संख्या 42 प्रतिशत थी और उसके बाद थकान का नंबर आया जिसे 34 प्रतिशत लोगों ने चिंता का प्रमुख कारण बताया.

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के ज़रिए दंत विशेषज्ञों की मुहैया नहीं होना भी 29 प्रतिशत लोगों ने चिंता का प्रमुख कारण बताया और तनाव और दबाव को 27 प्रतिशत लोगों ने प्रमुख कारण बताया.

किसी अन्य व्यक्ति के धूम्रपान से जो धुआँ पास के लोगों की नाक में जाता है उसे चिंता का प्रमुख कारण बताने वालों की संख्या 15 प्रतिशत थी जबकि शराब पीना 12 प्रतिशत लोगों के लिए चिंता का प्रमुख कारण था.

पाँच प्रतिशत लोगों ने खाने में नमक, रंग और अन्य रसायनों के इस्तेमाल को भी चिंता का प्रमुख कारण बताया.

'अव्यवस्थित जीवनशैली'

लीगल एंड जनरल कंपनी के स्वास्थ्य मामलों के निदेशक क्रिस रोलैंड का कहना था, "यह स्पष्ट होता जा रहा है कि लोग इस बारे में ज़्यादा चिंतित हैं कि हम अपनी ज़िंदगी किस तरह से जी रहे हैं बनिस्बत धूम्रपान और शराब सेवन के."

उनका कहना था, "जीवन में बहुत कम ऐसी चीज़ें हैं जो हमारे स्वास्थ्य से ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं इसलिए लोगों को चाहिए कि वे अपनी अव्यवस्थित जीवनशैली पर ग़ौर करें और सुनिश्चित करें कि उनके स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़े."

यूके पब्लिक हैल्थ एसोसिएशन की प्रमुख कार्यकारी एंगेला मावले का कहना था, "इस सर्वेक्षण से पता चलता है कि 24/7 जीवन शैली की रफ़्तार स्वास्थ्य के लिए महंगी साबित हो रही है."

एंगेला मावले ने कहा, "ब्लैकबरीज़ और मोबाइल टेलीफ़ोन होने का मतलब है कि हम हमेशा उपलब्ध हैं. ऐसे में सुकून के कुछ पल निकालना मुश्किल साबित हो रहा है."

"स्वास्थ्य पर इसके गंभीर असर हो रहे हैं. लेकिन यह जानना भी महत्वपूर्ण होगा कि कभी-कभी इतनी सारी ख़बरें आती हैं कि हमें असलियत के बारे में अंदाज़ा लगाना मुश्किल होता है."

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