|
संगीत सुनिए, भले-चंगे रहिए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इस बात को हम पहले से जानते हैं कि अच्छा संगीत सुनने से सुकून का एहसास होता है. लेकिन ऐसे कई डॉक्टर हैं जिनका मानना है कि संगीत इससे कहीं अधिक फ़ायदेमंद है. परीक्षणों से ऐसे संकेत मिले हैं कि संगीत शरीर में बदलाव लाता है जिससे स्वास्थ्य में सुधार होता है. लंदन के चेल्सी और वेस्टमिन्स्टर अस्पताल ने इस बारे में परीक्षण किए और उन्हें उत्साहजनक नतीजे हासिल हुए हैं. अस्पताल के एक अध्ययन में पाया गया कि जो रोगी संगीत का आनंद ले रहे थे, उन्हें कम दवा की ज़रूरत पड़ी और उनका स्वास्थ्य लाभ तेज़ हुआ. डॉक्टर रोसालिया स्टारीकॉफ़ का कहना है कि वैज्ञानिक प्रमाण मिल रहे हैं कि संगीत से शारीरिक परिवर्तन होते हैं और उससे स्वास्थ्य में सुधार पाया गया है. अध्ययन उनका कहना था, '' शारीरिक परिवर्तनों को मापा गया और पाया गया कि रक्त चाप, दिल की धड़कन और तनाव से संबंधित हारमोनों में कमी आई थी.'' प्रोफेसर पॉल रोबर्टसन विभिन्न अस्पतालों के मरीज़ों के लिए वायलिन बजाते हैं. वो वैज्ञानिक के साथ साथ संगीतकार भी हैं और आजकल संगीत का दिमाग और शरीर पर असर का अध्ययन कर रहे हैं. उनका कहना है,'' हम इस समय इस बात के प्रमाण इकट्ठा कर रहे हैं जिनके आधार पर हम कह सकें कि संगीत निश्चित रूप से फ़ायदेमंद है.'' और तो और दुनिया की प्रमुख सहायता संस्था वेलकम ट्रस्ट संगीत चिकत्सा को वैज्ञानिक तरीके से पेश करने की संभावना का पता लगाने की कोशिश कर रहा है. |
इससे जुड़ी ख़बरें ऊँची आवाज़ ख़तरनाक भी हो सकती है31 अगस्त, 2004 | विज्ञान सुगंध से भरे संगीत के सुर14 सितंबर, 2004 | विज्ञान सुरीला बनाने वाली मशीन24 जुलाई, 2003 | विज्ञान 'आहिस्ता-आहिस्ता मिट जाएँगी दूरियाँ'08 जुलाई, 2006 | मनोरंजन लद गया जमाना रीमिक्स का17 जुलाई, 2006 | मनोरंजन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||