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आईफ़ोन से प्रतिद्वंद्वियों में मची बेचैनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मोबाइल बाज़ार में कुछ महीने पहले ही दस्तक देने वाले एपल के आईफ़ोन ने दुनिया भर में खलबली मचा दी है. शोध कंपनी स्ट्रेट्जी एनेलिटिक्स के ताजे आँकड़ों के मुताबिक इस साल जुलाई से सितंबर महीने के बीच फ़ोन निर्माताओं ने दुनिया भर में 2.85 करोड़ हैंडसेट बेचे. पिछले साल के मुक़ाबले इस साल हैंडसेटों की बिक्री में 12 फ़ीसदी की उछाल दर्ज की गई है. नई ख़ूबियों वाले फ़ोन के लिए हमेशा भूखे और लगातार बढ़ते बाज़ार में हर सप्ताह नए हैंडसेट और नई सेवाएँ पेश की जा रही हैं. मोबाइल फ़ोन के क्षेत्र में एपल के इस नए उत्पाद आईफ़ोन ने पहले 90 दिनों में 14 लाख की बिक्री से सबको चौंका दिया. यूके और जर्मनी में शुक्रवार से इस फ़ोन की बिक्री शुरू हुई है. आईफ़ोन की बिक्री का यह आँकड़ा बड़ा तो है लेकिन मोबाइल बाज़ार का एक छोटा हिस्सा भर है. वैश्विक बाज़ार पर राज करने वाली फ़ोन कंपनियां आईफ़ोन को चुनौती देने वाले हैंडसेट उतार रही हैं. एपल ने जिस उपभोक्ता वर्ग को निशाना बनाया है, उस वर्ग में उसे आठ फ़ोन टक्कर दे रहे है.
आईफ़ोन के इन प्रतिद्वंद्वियों में नोकिया का एन95, सोनी एरिक्सन का डब्लयू960, एलजी का एलजीकेएस20, एचटीसी टच, पॉम सेन्ट्रो, ब्लैकबेरी पर्ल, सैमसंग ब्लैकजैक, टी-मोबाइल साइडकिक स्लाइट शामिल हैं. साफ है कि एपल की उड़ान पर नोकिया, एलजी, सैमसंग, सोनी-एरिक्सन, एचटीसी और मोटोरोला की नज़र है. भव्य घेराबंदी पिछले सप्ताह सैमसंग ने ब्रिटिश संग्रहालय में भव्य समारोह आयोजित कर एक कैमरा फ़ोन पेश किया. इसके लाँच को शानदार बनाने के लिए 35 देशों से पत्रकारों को कंपनी अपने ख़र्च पर लंदन लाई और पाँच सितारा मेज़बानी की.
कंपनी का यह हैंडसेट जी800 सीधे तौर पर आईफ़ोन के लिए चुनौती नहीं है लेकिन सवाल-जवाब के दौरान कई बार आईफ़ोन का नाम गूँजा. कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि उनकी कंपनी सक्रियता से काम कर रही है और अगले साल 2008 में कुछ वे ख़ास लेकर आएँगे जो आईफ़ोन का मुक़ाबला करेगा. दूसरी कंपनियाँ भी हैंडसेट लाँच करने में पीछे नहीं हैं. इन कंपनियों का दावा है कि उनके हैंडसेट में आईफ़ोन की तमाम ख़ूबियाँ हैं. इनका कहना है कि ये सेट आईफ़ोन से ज़्यादा "सस्ते, आसान, तेज़ और बेहतर" हैं. एपल अभी मोबाइल बाज़ार के एक छोटे से हिस्से पर ही निशाना साध रही है. दूरसंचार सलाहकार फर्म ओवम के प्रधान विश्लेषक जोनाथन आर्बर आर्बर कहते हैं कि क्रिसमस तक बाज़ार पर आईफ़ोन का बोलबाला कायम रह सकता है. वे कहते हैं, "कुछ लोग आईफ़ोन ख़रीदने जा सकते हैं लेकिन क़ीमत देखकर इरादा बदल भी सकते हैं." आर्बर ने कहा, "मेरी राय में एपल के कई प्रतिद्वंद्वी हैं जो इन चीजों का फ़ायदा उठाने के लिए बाज़ार में अपनी जगह तलाशेंगे." आर्बर ने एलजी के एलजीकेएस20 और व्यूटी, सोनी के टच स्क्रीन सेट डब्लयू960, एचटीसी टच और नोकिया के एन95 को आईफ़ोन का स्वाभाविक प्रतिस्पर्धी माना है. मैजिक टच बाज़ार में कुछ और कंपनियाँ हैं जो आईफ़ोन को ध्यान में रखते हुए अपने सेट उतार रही हैं. हाल के महीनों में पाम ने सेंट्रो, ब्लैकबेरी ने यूरोप में न्यू पर्ल, टी-मोबाइल ने साइडकिक स्लाइड और सैमसंग ने ब्लैकजैक लाँच किया है. आर्बर कहते हैं कि "टच स्क्रीन" आईफ़ोन की ऐसी ख़ूबी है जिसकी हर कंपनी अपने सेट में बराबरी करना चाहती है. मुक़ाबला सिर्फ हार्डवेयर में नहीं है बल्कि सेवाओं के बीच भी है.
एपल का आई-ट्यून म्यूजिक स्टोर आईफ़ोन पर भी काम करता है. इसकी इस ख़ासियत ने कई लोगों का मन मोह लिया है. जवाब में नोकिया और मोबाइल ऑपरेटर वोडाफ़ोन ने दूसरी सेवाएँ शुरू की हैं. इनका मानना है कि ये सेवाएँ आईफ़ोन के जादू को ख़त्म कर देगी. वोडाफ़ोन के इंटरनेट और सामग्री सेवा प्रमुख अल रसेल कहते हैं, "हमारी दुनिया में आईफ़ोन एक महत्वपूर्ण विकास है." रसेल कहते हैं कि वोडाफ़ोन के म्यूज़िक स्टेशन पर जो सेवाएँ मौज़ूद हैं, आईफ़ोन उसकी बराबरी नहीं कर सकता है. यह सेवा शुल्क चुकाकर ली जा सकती है. नोकिया के यूके के प्रबंध निदेशक सिमॉन एंसली कहती हैं कि आईपॉड और आई-ट्यून बहुत सफल है लेकिन अमरीका और ब्रिटेन के बाहर इसका अपेक्षाकृत कम असर है. वे कहती हैं, "पूरी दुनिया में 90 करोड़ लोग हमारे फ़ोन सेट का उपयोग कर रहे हैं. हमारे पास यह अवसर है कि हम उनके हाथ में जो भी सेट हैं, उसके लिए सेवा मुहैया कराएँ." सिमॉन का कहना है कि कंपनी की पहचान बन चुका एन95 आईफ़ोन से कहीं बढ़कर है. वे कहती हैं, "यह बहुत सफल है. यह अब तक की बड़ी सफलताओं में एक है." | इससे जुड़ी ख़बरें आईफ़ोन नाम को लेकर ऐपल पर मुक़दमा12 जनवरी, 2007 | विज्ञान ऐपल का आईफ़ोन बाज़ार में आया30 जून, 2007 | विज्ञान मोबाइल फ़ोन का लगातार बढ़ता बाज़ार21 जुलाई, 2005 | विज्ञान अब आ गया मोबाइल टीवी का दौर27 दिसंबर, 2005 | विज्ञान ब्लूटूथ के बाद अब वाइब्री04 अक्तूबर, 2006 | विज्ञान युवा हैकर ने 'अनलॉक' किया आईफ़ोन को25 अगस्त, 2007 | विज्ञान बीस साल की हुई मोबाइल तकनीक08 सितंबर, 2007 | विज्ञान मोबाइल की दुनिया में गूगल05 नवंबर, 2007 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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