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आईफ़ोन नाम को लेकर ऐपल पर मुक़दमा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सिस्को सिस्टम्स ने ऐपल के नए फ़ोन का नाम आईफ़ोन रखने के लिए ऐपल कंपनी पर कॉपीराइट के मामले में मुक़दमा शुरू किया है. ग़ौरतलब है कि ऐपल कंपनी ने हाल ही में अपना एक फ़ोन पेश किया है जिसका नाम आईफ़ोन रखा गया है. इसमें मोबाइल टेलीफ़ोन, आईपॉड और इंटरनेट सुविधाएँ हैं और इसकी ख़ासियत ये है कि यह पूरी तरह टच स्क्रीन से चलता है. सिस्को सिस्टम्स कंपनी ने उम्मीद भी जताई है कि ऐपल कंपनी के साथ इस विवाद को बातचीत के बाद मंगलवार की शाम तक हल कर लिया जाएगा. उधर ऐपल कंपनी ने इस मुक़दमे को "बेवकूफ़ी" बताया है और कहा है कि सिस्को ने अपने उत्पाद का जो पंजीकरण कराया था वह बिल्कुल सारहीन है. ऐपल के प्रवक्ता एलन हेली ने कहा, "हम समझते हैं कि सिस्को का यह मुक़दमा बेवकूफ़ी भरा है. बहुत सी कंपनियाँ इंटरनेट के ज़रिए टेलीफ़ोन सुविधा के लिए पहले से ही इस नाम का इस्तेमाल कर रही हैं." एलन हेली ने कहा, "मोबाइल टेलीफ़ोन के लिए इस नाम का इस्तेमाल करने वाली हम पहली कंपनी हैं और अगर सिस्को हमें इस मामले में चुनौती देना चाहती है तो हम बहुत आश्वस्त हैं कि हम इसमें जीतेंगे." ट्रेडमार्क सिस्को के पास आईफ़ोन का ट्रेडमार्क 2000 से रहा है और उसका कहना है कि ऐपल इस मामले में एक अंतिम दस्तावेज़ तैयार करने और एक सार्वजनिक बयान जारी करने के लिए राज़ी हो जाएगी. सिस्को सिस्टम्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और वकील मार्क चैंडलर ने कहा, "ऐपल ने जब सिस्को के आईफ़ोन नाम का इस्तेमाल करने की बार-बार इजाज़त माँगी तो सिस्को ने ऐपल के साथ सदभावना के तौर पर बातचीत शुरू की थी." सिस्को ने जब वर्ष 2000 में इन्फ़ोगियर टेक्नोलॉजी कंपनी को ख़रीदा था तो आईफ़ोन नाम का भी ट्रेडमार्क हासिल कर लिया था. सिस्को का कहना है कि इन्फ़ोगियर टेक्नोलॉजी उससे पहले कई साल तक इस नाम का इस्तेमाल करती रही थी. सिस्को का कहना है कि वह अब कोशिश करेगी कि आईफ़ोन ट्रेडमार्क की नक़ल रोकी जाए. सिस्को के एक प्रवक्ता जोन नोह ने बीबीसी से कहा, "यह धन का मुद्दा नहीं है और यह सिर्फ़ फ़ोन के बारे में भी नहीं है, यह अपने ट्रेडमार्क की हिफ़ाज़त करने की सिस्को की ज़िम्मेदारी का मुद्दा है क्योंकि ऐपल बिना इजाज़त के यह ट्रेडमार्क इस्तेमाल कर रही है." उधर ऐपल के नए उपकरण आईफ़ोन का बाज़ार में आने का बेसब्री से इंतज़ार किया जा रहा है और जिस दिन इस उपकरण का नमूना लोगों के सामने पेश किया गया तो उस दिन ऐपल के शेयरों में 8 प्रतिशत का उछाल आया था लेकिन कुछ घंटों के कारोबार के बाद उनमें 1.3 प्रतिशत गिरावट भी हुई. | इससे जुड़ी ख़बरें पहली बार नज़र आई आईफ़ोन की शान11 जनवरी, 2007 | विज्ञान आईपॉड की टक्कर में ज़ून22 जुलाई, 2006 | पत्रिका एप्पल की आईट्यून्स का रिकॉर्ड26 फ़रवरी, 2006 | पत्रिका अब आई-पॉड पर देखिए वीडियो13 अक्तूबर, 2005 | विज्ञान ऐपल का एक और धमाका07 सितंबर, 2005 | विज्ञान इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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