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सेलेनियम से एचआईवी का मुक़ाबला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शोधकर्ताओं का कहना है कि रोज़ाना थोड़ी मात्रा में सेलेनियम लेने से एचआईवी पीड़ित रोगियों को राहत मिल सकती है. मियामी विश्वविद्यालय ने एक अध्ययन में पाया है कि जिन लोगों ने नौ महीने तक सेलेनियम का पूरक के रूप में सेवन किया, उनमें एचआईवी वायरस कम पाए गए. इसके पहले देखा गया है कि एचआईवी रोगियों में सेलेनियम की कमी आ जाती है. साथ ही ऐसे प्रणाम पाए गए हैं कि सेलेनियम से प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है. एंटीरेट्रोवायरल थेरपी से एचआईवी रोगियों की उम्मीदें बढ़ी हैं लेकिन इसका शरीर पर दुष्प्रभाव भी देखा गया है. इसी वजह से वैज्ञानिक एचआईवी को नियंत्रण में रखने के लिए किसी वैकल्पिक प्रणाली के विकास में जुटे हुए हैं. सेलेनियम का असर मियामी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के दल ने 91 एचआईवी रोगियों को नौ महीने तक 200 माइक्रोग्राम सेलेनियम यीस्ट दिया और कुछ अन्य रोगियों को सामान्य दवाएं दीं. नौ महीने बाद पाया गया कि जिन रोगियों को सेलेनियम दिया जा रहा था, उनके रक्त में एचआईवी वायरस संक्रमण कम था. साथ ही उनमें सीडी-4 नामक कोशिकाओं की संख्या अधिक पाई गई. ये कोशिकाएँ ही संक्रमण का मुक़ाबला करती हैं. हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि सेलेनियम कैसे काम करता है, इस बात का अभी पता नहीं चल सका है. एक अनुमान के अनुसार इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जिसकी वजह से क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत तेज़ी से हो जाती है. उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में एड्स से लगभग चार करोड़ लोग पीड़ित हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि विभिन्न प्रयासों के बावजूद एचआईवी और एड्स फैलता जा रहा है. दक्षिण अफ़्रीका में एचआईवी और एड्स से लगभग 55 लाख लोग प्रभावित हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें एचआईवी के टीके के लिए 30 करोड़ डॉलर19 जुलाई, 2006 | विज्ञान एचआईवी से लड़ने वाले जीन की खोज12 दिसंबर, 2004 | विज्ञान भारत में हैं सर्वाधिक एचआईवी रोगी30 मई, 2006 | विज्ञान एचआईवी पीड़ितों की संख्या पर चिंता02 जून, 2005 | विज्ञान चीन में एचआईवी मामले तीस फ़ीसदी बढ़े22 नवंबर, 2006 | विज्ञान नाइजीरिया एड्स की सस्ती दवा बनाएगा28 जुलाई, 2004 | विज्ञान एचआईवी संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ी21 नवंबर, 2005 | विज्ञान एचआईवी की सस्ती दवाओं की कमी01 दिसंबर, 2004 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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