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इनसैट-4 बी का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के नवीनतम संचार उपग्रह इनसैट-4 बी का सोमवार को सफलता पूर्वक प्रक्षेपण कर दिया गया. इसे फ्रेंच गुयाना के कौरू स्थित केंद्र से एरियन-5 के जरिए प्रक्षेपित किया गया. इसके पहले इनसेट-4बी को रविवार को प्रक्षेपित किया जाना था. लेकिन निर्धारित समय से ठीक पहले तकनीक ख़राबी का पता चलने से प्रक्षेपण टाल दिया गया था. इनसैट-4 बी इनसैट सिरीज़ की चौथी पीढ़ी का दूसरा उपग्रह है जिसमें ट्रांसपोंडरों की संख्या मौजूदा 175 से बढ़ाकर 199 की किए जाने का लक्ष्य है. इस उपग्रह में डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) प्रसारण के लिए 12 उच्च शक्ति के क्यू बैंड और 12 सी बैंड ट्रांसपोंडर्स लगाए गए हैं. एरियन-5 को इनसेट 4 बी के अलावा ब्रिटेन के जासूसी उपग्रह स्काइनेट-5ए को भी कक्षा में स्थापित करना है. एरियन स्पेस के अधिकारियों का कहना है कि दोनों अंतरिक्ष यान इनसेट 4बी और स्काइनेट 5 ए सुरक्षित हैं. इनसैट-4बी का वज़न 3025 किलोग्राम है, जबकि ब्रिटेन के उपग्रह स्काइनेट-5 ए का वजन 4700 किलोग्राम है. | इससे जुड़ी ख़बरें इसरो के यान का सफल परीक्षण22 जनवरी, 2007 | विज्ञान चार उपग्रहों का एक साथ प्रक्षेपण10 जनवरी, 2007 | विज्ञान 'मंगल की सतह पर बहा पानी'07 दिसंबर, 2006 | विज्ञान सूर्य के अध्ययन के लिए उपग्रह रवाना26 अक्तूबर, 2006 | विज्ञान जीएसएलवी की विफलता का राज खुला06 सितंबर, 2006 | विज्ञान 'स्मार्ट वन प्रोब' का चाँद अभियान ख़त्म03 सितंबर, 2006 | विज्ञान नासा ने दिया अरबों डॉलर का ठेका01 सितंबर, 2006 | विज्ञान ग्रहों की संख्या 12 करने की योजना16 अगस्त, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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