|
ग्रहों की संख्या 12 करने की योजना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
खगोलविदों ने ग्रहों की नई परिभाषा गढ़ी है, जिसे स्वीकृति मिलने के साथ ही सौर मंडल में ग्रहों की संख्या मौजूदा नौ से बढ़ कर 12 हो जाएगी. नई व्यवस्था को स्वीकृति मिलने के साथ ही पूरी दुनिया में पाठ्यपुस्तकों में बदलाव करना पड़ेगा क्योंकि पिछले सात दशकों से भी ज़्यादा समय से पढ़ाया जा रहा है कि सौर मंडल में नौ ग्रह हैं. प्राग में अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ की महासभा में जुटे दुनिया भर के ढाई हज़ार से ज़्यादा खगोलविद ग्रहों की नई परिभाषा पर अगले गुरुवार को मतदान करेंगे. नई व्यवस्था के तहत 12 ग्रहों के तीन अलग-अलग वर्गों में रखा जाएगा- -पहले वर्ग में होंगे आठ क्लासिकल ग्रह- बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेप्चून. -दूसरे वर्ग में होंगे तीन प्लूटोन ग्रह- प्लूटो, शेरन और 2003यूबी313. -तीसरे वर्ग में अकेला होगा सीरेज़. उल्लेखनीय है कि नए प्लूटोन वर्ग में रखा गया शेरन दरअसल प्लूटो का उपग्रह या चंद्रमा माना जाता है, लेकिन खगोलविदों को हमेशा संदेह रहा है कि ये प्लूटो का जुड़वाँ ग्रह हो सकता है. सीरेज़ सौर मंडल में मौजूद सबसे बड़ा एस्टेरॉयड या क्षुद्र ग्रह है. मंगल और बृहस्पति के बीच की एस्टेरॉयड पट्टी में मौजूद सीरेज़ के बारे में उल्लेखनीय बात यह है कि यह गोलाकार है. 2003यूबी313 को प्लूटो से बड़ा और भारी-भरकम पिंड माना जाता है. इसे ज़ेना का अस्थाई नाम दिया गया है. ग्रह का दर्जा मिलने के बाद इसे कोई स्थाई नाम दिया जा सकेगा. नई व्यवस्था में ज़ाहिर है प्लूटो का दर्जा घटाया गया है. अब तक उसे बाकी आठ ग्रहों के बराबर का दर्जा मिला हुआ था, लेकिन नई व्यवस्था में उसे प्लूटोन नामक दूसरे दर्जे में रखा जाएगा. नई परिभाषा प्राग में दुनिया भर से जुटे खगोलविद ग्रहों की जिस परिभाषा को मंज़ूरी देने के लिए मतदान करेंगे, उसका आधार किसी खगोलीय पिंड के गुरुत्व बल को बनाया गया है. नई परिभाषा के अनुसार किसी खगोलीय पिंड को तभी ग्रह माना जाएगा, जब वह निम्नलिखित दो शर्तों पर खरा उतरता हो- - वह पिंड एक तारे की परिक्रमा करता हो, लेकिन ख़ुद कोई तारा नहीं हो. - उसका द्रव्यमान इतना ज़रूर हो कि वह अपने गुरुत्व बल के सहारे वो गोलाकार रूप में मौजूद हो. ग्रहों की नई परिभाषा को मंज़ूरी मिलने के साथ ही सौर मंडल में ग्रहों की संख्या नौ से बढ़ कर 12 तो होगी ही, भविष्य में अन्य कई ग्रहों के इस सूची में शामिल होने की भी संभावना होगी. खगोलविद इस समय सौर मंडल के एक दर्जन से ज़्यादा पिंडों पर नज़र रखे हुए हैं. उनके द्रव्यमान और कक्षा के बारे में और जानकारी मिलने के बाद संभव है उनमें से कुछ ग्रहों की सूची में शामिल हो जाएँ. | इससे जुड़ी ख़बरें प्लूटो के 'ग्रह' होने पर सवाल14 अगस्त, 2006 | विज्ञान दुनिया ने देखा सूर्यग्रहण का नज़ारा29 मार्च, 2006 | विज्ञान प्लूटो के लिए पहली बार यान रवाना19 जनवरी, 2006 | विज्ञान एस्टेरॉयड के नमूने लेने में सफलता26 नवंबर, 2005 | विज्ञान इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||