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इनसैट-4 बी का प्रक्षेपण टला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के नवीनतम संचार उपग्रह इनसेट-4 बी का प्रक्षेपण तकनीकी कारणों से टाल दिया गया है. फ्रांस के कौरू स्थित प्रक्षेपण केंद्र से अब इसे सोमवार सुबह छोड़ा जाएगा. इनसेट-4 बी को फ्रेंच गुयाना से प्रक्षेपण यान एरियन-5 के जरिए भारतीय समयानुसार सुबह तीन बजकर 55 मिनट से चार बजकर 28 मिनट के बीच प्रक्षेपित किए जाने की योजना थी. लेकिन निर्धारित समय से ठीक सात मिनट पहले कुछ तकनीक गड़बड़ी का पता चलने से प्रक्षेपण टाल दिया गया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो के अधिकारियों ने समाचार एजेंसियों को बताया कि प्रक्षेपण अब 24 घंटे बाद किया जाएगा. इनसेट-4 बी इनसैट सिरीज़ की चौथी पीढ़ी का दूसरा उपग्रह है जिसमें ट्रांसपोंडरों की संख्या मौजूदा 175 से बढ़ाकर 199 की किए जाने का लक्ष्य है. इस उपग्रह में डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) प्रसारण के लिए 12 उच्च शक्ति के क्यू बैंड और 12 सी बैंड ट्रांसपोंडर्स लगाए गए हैं. एरियन-5 को इनसेट 4 बी के अलावा ब्रिटेन के जासूसी उपग्रह स्काइनेट 5 ए को भी कक्षा में स्थापित करना था. गड़बड़ी इसरो के अनुसार गड़बड़ी 'जल प्लवन प्रणाली' में हुई. यह प्रणाली लॉंच पैड की सुरक्षा के लिए ध्वनि के स्तर को कम करती है. चूंकि इस गड़बड़ी को प्रक्षेपण की उल्टी गिलती के दौरान ठीक नहीं किया जा सका इसलिए प्रक्षेपण को 24 घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा. एरियन स्पेस के अधिकारी ने बताया, " दोनों अंतरिक्ष यान इनसेट 4बी और स्काइनेट 5 ए सुरक्षित हैं. हम गड़बड़ी दूर कर रहे हैं और कल प्रक्षेपण का प्रयास नए सिरे से किया जाएगा." इनसैट-4बी का वज़न 3025 किलोग्राम है, जबकि ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के लिए तैयार किए गए एस्ट्राइम के उपग्रह स्काइनेट-5 ए का वजन 4700 किलोग्राम है. | इससे जुड़ी ख़बरें इसरो के यान का सफल परीक्षण22 जनवरी, 2007 | विज्ञान चार उपग्रहों का एक साथ प्रक्षेपण10 जनवरी, 2007 | विज्ञान 'मंगल की सतह पर बहा पानी'07 दिसंबर, 2006 | विज्ञान सूर्य के अध्ययन के लिए उपग्रह रवाना26 अक्तूबर, 2006 | विज्ञान जीएसएलवी की विफलता का राज खुला06 सितंबर, 2006 | विज्ञान 'स्मार्ट वन प्रोब' का चाँद अभियान ख़त्म03 सितंबर, 2006 | विज्ञान नासा ने दिया अरबों डॉलर का ठेका01 सितंबर, 2006 | विज्ञान ग्रहों की संख्या 12 करने की योजना16 अगस्त, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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