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स्तनपायी जानवरों की नई प्रजाति मिली | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व वन्यजीव कोष (डब्लूडब्लूएफ़) के संरक्षणवादियों को बोर्नियो के घने जंगलों में ऐसे जानवर का पता चला है जिसे स्तनपायी जानवरों की नई प्रजाति माना जा रहा है. डब्लूडब्लूएफ़ के इन संरक्षणवादियों ने इस जानवर की दो तस्वीरें खींचने में सफलता पाई है. यह जानवर घरेलू बिल्ली से बड़ा दिखता है. लाल रंग के इस जानवर की लंबी और मज़बूत पूँछ भी है. डब्लूडब्लूएफ़ का कहना है कि स्थानीय लोगों ने आज तक इस जानवर को नहीं देखा है और शोधकर्ताओं का कहना है कि यह नयी प्रजाति लगती है. संस्था ने कहा है कि दक्षिण-पूर्व एशिया में जंगलों के संरक्षण की आवश्यकता है, जिन पर कटाई और खजूर के तेल के व्यापार के कारण काफ़ी दबाव है. माना जा रहा है कि यह जानवर मांसाहारी है. इस जानवर को कायन मेंतरंग नेशनल पार्क में देखा गया जो इंडोनेशिया के बोर्नियो में है. इस प्रजाति को खोज निकालने वाली टीम का नेतृत्व जीव वैज्ञानिक स्टीफ़ेन वुल्फ़्राट कर रहे थे. इस नए जीव के बारे में पूरा विवरण बोर्नियो और उसके वन्यजीवों पर छपने वाली क़िताब में दिया जाएगा. ब्रिटेन में डब्लूडब्लूएफ़ के प्रजाति कार्यक्रम के प्रमुख कैलम रैंकीन ने बताया कि नयी प्रजाति के बारे में अक्सर पता नहीं चलता और जब ऐसा होता है तो असाधारण स्थिति होती है. अभी तक इस नए जानवर की सिर्फ़ दो तस्वीरें ही मिल पाई हैं लेकिन लंदन स्थित प्राणी विज्ञान संस्थान के निक इसाक का मानना है कि हो सकता है कि यह जानवर नयी प्रजाति का ही हो. | इससे जुड़ी ख़बरें सूनामी लहरों से बच निकले वन्यजीव01 जनवरी, 2005 | विज्ञान इंटरनेट पर दुर्लभ जानवरों का व्यापार16 अगस्त, 2005 | विज्ञान माँस मिलेगा बिना जानवर को मारे13 अगस्त, 2005 | विज्ञान क्या पक्षियों के कभी चार पंख थे?21 अक्तूबर, 2004 | विज्ञान औरांग उटान लुप्त होने की कगार पर12 जनवरी, 2004 | विज्ञान कुत्तों की प्लास्टिक सर्जरी18 अगस्त, 2004 | विज्ञान भारतीय भेड़िया सबसे पुराना जानवर?17 जून, 2004 | विज्ञान 12 हज़ार प्रजातियों पर ख़तरा18 नवंबर, 2003 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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