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इंटरनेट पर दुर्लभ जानवरों का व्यापार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेट पर जंगली जानवरों के ग़ैर क़ानूनी व्यापार के कारण कई दुर्लभ जानवार लुप्त हो रहे हैं. जानवरों के कल्याण के लिए अंतरराष्ट्रीय कोष (आईएफ़एडब्लू) नामक संस्था का कहना है कि बाघ, गुरिल्ला और चिम्पांज़ी जैसे जानवरों को बेचने के विज्ञापन इंटरनेट पर ग़ैर क़ानूनी रूप से दिए जा रहे हैं. इस संस्था ने अपने अध्ययन में पाया कि एक सप्ताह के अंदर इंटरनेट पर 9000 जानवरों और उनसे जुड़े उत्पादों को बेचने के लिए विज्ञापन दिए गए और ऐसा कर रही हैं ई-बे जैसी वेबसाइटें. संस्था का कहना है कि जानवरों के ग़ैर क़ानूनी व्यापार में शामिल कई लोग इंटरनेट पर पहचान सामने न आने का लाभ उठा रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरनेट पर ऐसे जानवरों की बढ़ती मांग के कारण कई जानवर शिकारियों के निशाने पर हैं. तीन महीने तक चली अपनी जाँच के दौरान संस्था ने पाया कि जानवरों की कई महत्वपूर्ण प्रजातियों को इंटरनेट पर बेचा जा रहा है. इनमें एक ज़िंदा गुरिल्ला भी शामिल था जिसे लंदन की एक वेबसाइट पर बेचा जा रहा था जबकि एक सर्बियाई बाघ और चार चिम्पांज़ी के बच्चों को एक अमरीकी वेबसाइट पर बेचा जा रहा था. बिक्री और तो और कई जानवरों के अंग भी वेबसाइट पर बेचे जा रहे हैं. संस्था के मुताबिक़ इंटरनेट पर कछुए का कवच, तिब्बती हिरण के शाल, शेर की खाल से बनने वाले प्रसाधन और बाज़ के अंग भी बेचे जा रहे हैं.
संस्था का कहना है कि इंटरनेट पर हाथी दाँत से बनने वाली वस्तुओं के साथ-साथ बाघों और गैंडों के अंगों की बिक्री को आम बात है. ब्रिटेन में इस संस्था के निदेशक फ़िलिस कैम्पबेल मैकरे ने कहा कि इंटरनेट पर पहचान न हो पाने के कारण आपराधिक गैंग और अवैध व्यापार में शामिल लोग इसका लाभ उठा रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारों और संबंधित वेबसाइट के मालिकों को इसके ख़िलाफ़ तुरंत क़दम उठाने की आवश्यकता है. संस्था को एक सप्ताह के अंदर जिन नौ हज़ार जानवरों की बिक्री का विज्ञापन इंटरनेट पर मिला, उनमें से 70 फ़ीसदी जानवर अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत संरक्षित प्रजाति में शामिल हैं. एक लोकप्रिय नीलामी वाली वेबसाइट ई-बे के प्रवक्ता ने बताया कि जानवरों से संबंधित उनकी नीति क़ानून के अनुसार ही है और अगर उन्हें इसकी जानकारी मिली कि क़ानून तोड़ा जा रहा है तो वे इस तरह की बिक्री रोक देंगे और अधिकारियों को भी इसकी सूचना देंगे. |
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