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भारतीय भेड़िया सबसे पुराना जानवर? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
डीएनए टेस्ट से पता चला है कि भारत में पाया जाने वाला भेड़िया दुनिया का सबसे पुराना जानवर हो सकता है. लुप्त होने के कगार पर पहुँच चुके इस भेड़िए के जीन के विश्लेषण से पता चला है कि इसकी नस्ल आठ लाख साल पुरानी है. हिमालय पर पाए जाने वाले ये भेड़िए अन्य सलेटी रंग के भेड़ियों की नस्ल 'केनिस लुपस' में शामिल किए जाते हैं. लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि ये भेड़िए जीन के आधार पर इतने अलग हैं कि इनकी नस्ल को अलग नाम दिया जाना चाहिए. देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों ने हिमाचल प्रदेश के एक भेड़िए के डीएनए पर शोध किया है. कोशिका के डीएनए पर शोध करते हुए वैज्ञानिक ये पता लगा पाए कि भेड़िए की नस्ल कब शुरु हुई थी. हिमाचल प्रदेश के वन्यजीव विभाग के प्रमुख एके गुलाटी कहते हैं, "इस शोध से पहले माना जाता था कि भारतीय प्रायद्वीप के मैदान में पाई जाने वाली भेड़िए की नस्ल दुनिया में सबसे पुरानी है. ये चार लाख साल पुरानी है. अमरीका और यूरोप के भेड़ियों की नस्ल केवल डेढ़ लाख साल पुरानी है." शोधकर्ताओं ने पूरे भारत और दुनिया में अलग-अलग जगह पाए जाने वाले भेड़ियों और कुत्तों के 700 डीएनए नमूनों पर शोध किया. जूली नाम के भेड़िए के डीएनए की जाँच से यह परिणाम सामने आया, उसे 14 साल पहले भारत-तिब्बत सीमा पर स्पिति घाटी में पकड़ा गया था. हिमालय में शिकार और जंगलों के काटे जाने के कारण इन भेड़ियों का संख्या बहुत घटी है और एक अनुमान के अनुसार पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में केवल 350 भेड़िए ही बचे हैं. |
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