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'डायनासोर को खाने वाला जानवर भी था' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन में मिले एक जीवाश्म ने डायनासोर को लेकर धारणाएँ बदल दी हैं. इस जीवाश्म को 13 करोड़ साल पुराना बताया जा रहा है. शोधकर्ताओं का दावा है कि यह जीवाश्म आदिम स्तनपायी जानवर का है, जिसके पेट में मिले अवशेष बताते हैं कि यह जावनर युवा डायनासोरों को खाता था जिन्हें सिटाकोसोरस कहा जाता है. अमरीका और चीन के शोधकर्ताओं की टीम की इस खोज का विवरण नेचर पत्रिका में छपा है. पत्रिका में शोधकर्ताओं ने चीन के उसी इलाक़े से अब तक के सबसे बड़े आदिम स्तनपायी जानवर का अवशेष खोज निकालने का दावा किया है. शोधकर्ताओं का कहना है कि डायनासोर को खाने वाला जानवर मांसाहारी स्तनपायी की श्रेणी में आता है जिसे रिपेनोमैमस रोबस्टस कहा जाता है. शोध अमेरिकन म्यूजियम ऑफ़ नेचुरल हिस्ट्री में जीवाश्म विज्ञान विभाग के अध्यक्ष और शोध में शामिल डॉक्टर मेंग जिन ने बताया, "शुरू में हमने सोचा कि इस जानवर के पेट में शायद उसका बच्चा है. लेकिन जब हम पास पहुँचे तो हमने डायनासोर पाया." उन्होंने बताया कि जीवाश्म के निचले बाएँ हिस्से में डायनासोर के अवशेष मिले. स्तनपायी जानवरों के इसी हिस्से में पेट होता है. स्तनपायी जानवरों की एक नयी प्रजाति का जीवाश्म भी शोधकर्ताओं को चीन के लियाओनिंग प्रांत में मिला. हालाँकि शोधकर्ताओं का मानना है कि चीन के इस इलाक़े में और भी बड़े स्तनपायी जानवरों के पाए जाने के सबूत मिले हैं. पिट्सबर्ग में नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में जीवाश्म वैज्ञानिक डॉक्टर ज़ी शी लुओ का कहना है कि इस खोज से स्तनपायी जानवरों के बारे में पुरानी चली आ रही धारणाओं को बदलने में सहायता मिलेगी. स्तनपायी जानवर के पेट में डायनासोर के पाए जाने से इतना तो साबित हो ही गया है कि स्तनपायी सिर्फ़ कीटाणुओं को खाने वाले ही नहीं थे जैसे पहले उनके बारे में कहा जाता था. डॉक्टर जिन ने बीबीसी न्यूज़ वेबसाइट को बताया, "माना जाता था कि उस समय के स्तनपायी जानवर डायनासोर की छत्रछाया में रहते थे लेकिन हक़ीक़त इससे अलग थी." |
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