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डायनासोर की नई प्रजाति मिली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्राजील में वैज्ञानिकों ने डायनासोर की नई प्रजाति का पता लगाया है. अवशेषों से इस डायनासोर की प्रजाति का पता चला है जिसके बारे में माना जाता है कि वो करोड़ों वर्ष पहले इस धरती पर पाए जाते थे. जो संभवत: डायनासोर की सबसे पुरानी प्रजाति है. रियो डि जेनारियो यूनिवर्सिटी की शोध टीम का कहना है कि इस डायनासोर के अवशेषों और यूरोप में मिले अवशेषों में काफी समानता है. यह समानता इस बात को भी दर्शाती है कि करोड़ों साल पहले सभी महाद्वीप जुड़े हुए थे. ये अवशेष रियो ग्रांडे डि सोल राज्य के पास सांता मारिया शहर में मिले हैं . ये अवशेष एक बूढे व्यक्ति टोलेन्टिनो माराफिगा ने देखे और उन्हीं के नाम पर इस डायनासोर का नाम उनासाउरस टोलेन्टिनोय रखा गया है. रियो डि जेनारियो के राष्ट्रीय संग्रहालय में मौजूद डायनासोर के मॉडल के आधार पर कहा जा रहा है कि जिस डायनासोर के अवशेष मिले हैं उसका वजन क़रीब 70 किलो होगा, लंबाई ढाई मीटर और ऊचाई 70 सेंटीमीटर होगी. शोधकर्ताओं के अनुसार यह जानवर घास पत्ते खाने वाला है. शोधकर्ताओं को सबसे अधिक आश्चर्य इस बात पर है कि ये अवशेष जर्मनी के पास मिले डायनासोर प्लेटोसॉरस से मिलते जुलते हैं. |
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