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क्या पक्षियों के कभी चार पंख थे? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन में कुछ ऐसे जीवावशेष पाए गए हैं जिनसे इस विवादास्पद सिद्धांत को बल मिलता है कि किसी ज़माने में पक्षियों के चार पंख हुआ करते थे. चीन के पूर्वोत्तर क्षेत्र में पाए गए इन जीवावशेषों को क़रीब साढ़े चौदह करोड़ साल पुराना बताया गया है. ये जीवावशेष आदिकाल के किसी बहुत ही दुर्लभ पक्षी प्रजाति समूह के हैं. चीन की राजधानी बेजिंग में विज्ञान अकादमी के वैज्ञानिकों ने इन जीवावशेषों का पता लगाया है जिनमें पक्षियों की टाँगों की बाहरी तरफ़ लंबे पंख होने के सबूत हैं. नेचर नाम की पत्रिका में इस खोज के बारे में विस्तृत जानकारी छपी है जिसमें निष्कर्ष निकाला गया है कि पक्षियों की पूँछ मौजूदा स्वरूप में आने से पहले की स्थिति में चार पंख रहे होंगे. मौजूदा वक़्त में पक्षियों में जिस तरह की पूँछ होती है उससे उन्हें उड़ान भरने में मदद मिलती है लेकिन किट्टीवेक और रेज़रबिल जैसे कुछ आधुनिक पक्षी अब भी उड़ान भरने के लिए टाँगों पर निर्भर रहते हैं. चीन के इसी इलाक़े में पक्षियों और परों वाले डायनासोरों के बहुत से जीवावशेष पहले भी मिल चुके हैं. |
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