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बिल्लियों में मिले बर्ड फ़्लू के वायरस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैज्ञानिकों ने कहा है कि थाईलैंड में दो बिल्लियों और एक बाघ के शरीर में भी बर्ड फ़्लू के वायरस पाए गए हैं. इसके बाद उनकी चिंता बढ़ गई है कि कहीं वायरस आदमी के शरीर में प्रवेश करके पनपने न लग जाए. उल्लेखनीय है कि पूर्वी एशिया के कई देशों में बर्ड फ़्लू से कई मौतें हो चुकी हैं और लाखों की संख्या में मुर्गियों को ख़त्म करना पड़ा है. बैंकॉक में पशु चिकित्सा विशेषज्ञ तीराफ़ोन सिरिनाउमिट ने कहा है कि दो पालतू बिल्लियों और एक सफ़ेद बाघ में घातक एच5एन1 वायरस पाए गए हैं. इस जानकारी के बाद बर्ड फ़्लू को लेकर चिंता बढ़ गई है. वैज्ञानिक मानते हैं कि जितनी बार बर्ड फ़्लू एक जीव से दूसरे जीव में जाता है तो इसका आदमी के भीतर प्रवेश करके पनपने का ख़तरा बढ़ जाता है. उनका कहना था, ''पहली बार बर्ड फ़्लू के वायरस बिल्ली और बाघ में पाए गए हैं और ये ठीक वैसे ही हैं जैसे कि बर्ड फ़्लू के वायरस होते हैं.'' जिन बिल्लियों में ये वायरस पाए गए हैं वे एक ऐसे आदमी के पास थीं जो एक पोल्ट्री फ़ार्म के पास रहता था और उसके पास 15 बिल्लियाँ थीं.
उनमें से 14 बिल्लियाँ मर गई हैं लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उनकी मौत वायरस से हुई है या नहीं. हालांकि उसकी एक बिल्ली जीवित है और उसमें वायरस मिला है. सिरिनाउमिट ने कहा है कि एक चिड़ियाघर में दुर्लभ तेंदुए की वायरस से मौत हो चुकी है और एक सफ़ेद बाघ में वायरस पाए गए हैं. थाईलैंड सरकार ने इस बारे में अभी कोई टिप्पणी नहीं की है. हालांकि थाईलैंड के प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा ने अपील की है कि लोग जानवरों को बिना पकाए मुर्गी का माँस न खिलाएँ. |
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