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'बर्ड फ़्लू' से थाईलैंड में पहली मौत
थाईलैंड सरकार ने इस बीमारी से एक छह बर्षीय बच्चे की मौत होने की पुष्टि की है. इस वायरस के कारण थाईलैंड में ये पहली मौत हुई है. इसके पहले थाईलैंड सरकार ने इस बात की पुष्टि की थी कि वहाँ दो लोगों को बर्ड फ़्लू हो गया है. थाईलैंड से पहले जापान, ताइवान, दक्षिण कोरिया और वियतनाम में ऐसे कुछ मामले सामने आए थे. वियतनाम में बीमारी से पाँच लोगों की मौत भी हो चुकी है. दूसरी ओर इंडोनेशिया के अधिकारियों ने मुर्गे-मुर्गियों में 'बर्ड फ़्लू' नामक बीमारी के फैलने की पुष्टि की है. अधिकारियों का कहना है कि लगभग 20 लाख मुर्गे-मुर्गी इस बीमारी का शिकार हो गए हैं. लेकिन उनका कहना है कि इस बात का पता नहीं चल सका है कि ये फ़्लू वायरस वही है जो पूर्वी एशिया के कुछ अन्य देशों में फैल रहा है. इंडोनेशिया के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी व्यक्ति के इस वायरस की चपेट में आने की सूचना नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि ये बीमारी फैल सकती है और ज़्यादा ख़तरनाक हो सकती है. बर्ड फ़्लू एवियन फ्लू को आम बोलचाल की भाषा में 'बर्ड फ़्लू' के नाम से भी जाना जाता है. कुछ समय पहले तक ये माना जाता था कि 'बर्ड फ़्लू' केवल पक्षियों में ही फैलता है. लेकिन पहली बार 1997 में हाँगकाँग में ये बीमारी मानव में फैलती पाई गई. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि ये वायरस 2003 में फैले सार्स वायरस से कहीं अधिक ख़तरनाक हो सकता है. स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इस वायरस में सामान्य वायरस से जीन बदलने की क्षमता है जिससे ये बेहद संक्रामक हो सकता है. इसके लक्षण सामान्य इंफ़्लुएंज़ा जैसे ही होते हैं. |
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