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'बर्ड फ़्लू' से मुर्गी व्यवसाय पर असर
जापान ने थाइलैंड से मुर्गा-मुर्गी ख़रीदने पर प्रतिबंध लगा दिया. एक बच्चे को बर्ड फ़्लू' यानी पक्षियों से होने वाले फ़्लू की ख़बरों के बाद थाइलैंड से मुर्गे-मुर्गी के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है. लेकिन थाइलैंड के एक सीनेटर का कहना है कि बच्चे को बर्ड फ़्लू होने की पुष्टि अधिकारियों ने नहीं की है. जापान थाइलैंड से मुर्गे-मुर्गी का आयात करनेवाला प्रमुख देश है. लेकिन थाइलैंड के वाणिज्य मंत्री का कहना है कि इस प्रतिबंध का मुर्गीपालन उद्योग पर बहुत असर नहीं पड़ेगा. थाइलैंड में तीन लोग इस एवियन इंफ़्लुएंज़ा से संक्रमित पाए गए है. इस वायरस के कारण वियतनाम में पाँच मौतें हो चुकी हैं. थाइलैंड के अधिकारी कई दिनों तक ये कहते रहे कि संक्रमण वायरस की वजह से नहीं है. उनका कहना है कि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वायरस के फैलने पर चिंता जाहिर की है. बर्ड फ़्लू एवियन फ्लू को आम बोलचाल की भाषा में 'बर्ड फ़्लू' के नाम से भी जाना जाता है. कुछ समय पहले तक ये माना जाता था कि 'बर्ड फ़्लू' केवल पक्षियों में ही फैलता है. लेकिन पहली बार 1997 में हाँगकाँग में ये बीमारी मानव में फैलती पाई गई. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि ये वायरस 2003 में फैले सार्स वायरस से कहीं अधिक ख़तरनाक हो सकता है. स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इस वायरस में सामान्य वायरस से जीन बदलने की क्षमता है जिससे ये बेहद संक्रामक हो सकता है. इसके लक्षण सामान्य इंफ़्लुएंज़ा जैसे ही होते हैं. इससे संक्रमित व्यक्ति में बुखार, गला ख़राब और कफ़ के लक्षण पाए जाते हैं. इसकी वजह से आख़िर में जान भी जा सकती है. |
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