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शुक्रवार, 18 नवंबर, 2005 को 01:13 GMT तक के समाचार
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केवल 100 डॉलर वाला लैपटॉप
ग्रीन मशीन
किफ़ायती लैपटॉप को ट्यूनिश में सूचना समाज पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदर्शित किया गया
लैपटॉप कंप्यूटर होते तो बड़े सुविधाजनक हैं लेकिन इनकी ऊँची कीमत आम लोगों की जेब पर भारी पड़ती है.

लेकिन अब एक ऐसा लैपटॉप आया है जिसकी कीमत होगी 100 अमरीकी डॉलर या भारत के हिसाब से 5000 रूपए से भी कम.

इस लैपटॉप को पहली बार सूचना समाज पर संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदर्शित किया गया जिसमें अमीर और ग़रीब के बीच प्रौद्योगिकी की खाई को पाटने पर विचार हो रहा है.

तीन दिन का ये सम्मेलन अफ़्रीकी राष्ट्र ट्यूनीशिया की राजधानी ट्यूनिश में हो रहा है जिसमें 170 देशों के 20 हज़ार से ज़्यादा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं.

लैपटॉप की सराहना करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा,"इस लैपटॉप से बच्चे केवल दूसरे के निर्देशों से ही नहीं बल्कि ख़ुद सीख सकते हैं. इससे वे अपनी शिक्षा के लिए नए द्वार खोल सकते हैं, विशेष रूप से एक-दूसरे से सीखकर और सिखाकर".

लैपटॉप

 अध्ययन ये बताते हैं कि ना केवल धनी देशों के बच्चे कंप्यूटरों को सहजता से स्वीकार करते हैं बल्कि विकासशील देशों की झुग्गियों में रहनेवाले बच्चे भी उसे वैसी ही गर्मजोशी से अपनाते हैं
प्रोफ़ेसर निकोलस नेग्रोपोन्टे

नींबू के हरे रंग वाले इस लैपटॉप का नाम ग्रीन मशीन रखा गया है और इसे आम कंप्यूटर की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है और इलेक्ट्रॉनिक बुक की तरह भी.

इसे हाथ में संभाले जा सकनेवाले गेम्स की तरह भी प्रयोग किया जा सकता है और टेलीविज़न की तरह भी.

कंप्यूटर का विकास अमरीका की मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में किया गया जिसके प्रोफ़ेसर निकोलस नेग्रोपोन्टे का कहना है कि उनका लक्ष्य बच्चों तक शिक्षा का प्रसार है.

प्रोफ़ेसर नेग्रोपोन्टे ने कहा,"अध्ययन ये बताते हैं कि ना केवल धनी देशों के बच्चे कंप्यूटरों को सहजता से स्वीकार करते हैं बल्कि विकासशील देशों की झुग्गियों में रहनेवाले बच्चे भी उसे वैसी ही गर्मजोशी से अपनाते हैं".

योजना

प्रारंभ में ग्रीन मशीन नामक लैपटॉप को केवल छह देशों की सरकारें ख़रीद सकेंगी

ग्रीन मशीन को लेने के लिए कई देशों की सरकारों ने दिलचस्पी दिखाई है लेकिन प्रोफ़ेसर नेग्रोपोन्टे ने कहा है कि इन देशों को इस कंप्यूटर की कार्यपद्धति को समझे बग़ैर ऑर्डर नहीं देना चाहिए जो संभवतः फ़रवरी में प्रकाशित किया जाएगा.

कंप्यूटर का निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है लेकिन इसके लिए पाँच कंप्यूटर निर्माता कंपनियों और और तीन नामी गिरामी तकनीकी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है.

प्रोफ़ेसर नेग्रोपोन्टे ने कहा कि प्रारंभ में छह बड़े देशों में इन कंप्यूटरों की बिक्री की जाएगी जिनमें दो अरब, दो एशियाई, एक अफ़्रीका और एक दक्षिण अमरीका का देश है.

उन्होंने कहा,"प्रारंभ में हम छह देशों में जा रहे हैं लेकिन छह महीने बाद जितने देशों में संभव होगा उतने देशों में इसे ले जाएँगे".

प्रारंभ में ये कंप्यूटर केवल सरकारें ख़रीद सकेंगी और उनको भी 100 डॉलर की दर से कम-से-कम 10 लाख कंप्यूटर ख़रीदने के लिए ऑर्डर देना होगा.

वैसे कंप्यूटर का विकास करनेवाले व्यावसायिक निर्माताओं से भी बात कर रहे हैं ताकि ग्रीन मशीन कंप्यूटर खुले बाज़ार में भी उपलब्ध कराया जा सके.

66घिर्र..घिर्र... लॉग ऑन
सिर्फ़ 100 डॉलर में मिलने वाले लैपटॉप को चाभी भरकर चलाया जा सकेगा.
66हिंदी इंटरनेट एक्सप्लोरर
मध्यप्रदेश के एक युवक ने हिंदी इंटरनेट एक्सप्लोरर तैयार कर दिखाया है.
66कीमत केवल दस हज़ार
भारत में कुछ ही महीनों में केवल दस हज़ार रूपए में कंप्यूटर मिल सकेगा.
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