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गैरेज से शुरू हुई कंपनी ने सुपरकंप्यूटर बनाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर अमरीका के सबसे ताक़तवर सुपरकंप्यूटर 'थंडर' का निर्माण एक ऐसे भारतीय की कंपनी ने किया है जिसने अपना काम एक गैरेज से शुरू किया था. भारतीय उद्योगपति बीजे अरुण की कंपनी कैलिफोर्निया डिज़िटल कार्पोरेशन(सीडीसी) ने उत्तर अमरीका के सबसे तेज़ गति वाले सुपर कंप्यूटर 'थंडर' का निर्माण किया है. 'थंडर' ने सीडीसी को न सिर्फ वाहवाही और प्रशंसा दिलवाई बल्कि कंपनी को आईबीएम और डेल दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर कंपनियों के मुक़ाबले ला खड़ा किया. बंगलोर विश्वविद्यालय में पढ़े अरुण ने 1993 में एक गैरेज से अपनी कंपनी शुरु की थी. उन्होंने कहा, "आज हमने सात सबसे अधिक शक्तिशाली सुपर कंप्यूटरों में से दो '19.94 टेराफ्लाप थंडर' और '12.25 टेराफ्लाप सिस्टम एक्स' वर्जीनिया में स्थापित कर दिए हैं." सीडीसी ने 'लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लैब से थंडर का ठेका लिया, जोकि आज 'टॉप 500' सूची में चौथे स्थान पर है. ज़ाहिर है इस सौदे से अरुण और उनकी कंपनी की एक पहचान बन गई. कैलीफ़ोर्निया के फ्रेमोंन्ट में क्रिस्टी स्ट्रीट की छोटी जगह से होकर सीडीसी आज वहाँ झील के किनारे चौड़ी सड़क के पास एक विशाल कम्पाउन्ड में पहुँच चुकी है. लाइनक्स का कमाल अरुण कहते हैं कि उन्होंने ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम लाइनक्स को समझा और दूसरों से पहले इसके महत्व को जाना. वे कहते हैं कि लाइनक्स की महत्ता को समझना ही हमारी सफलता का मुख्य आधार बना.
कंपनी की सफलता की राह में नया मोड़ 2002 में तब आया जब सीडीसी ने 'वीए लाइनक्स सिस्टम` का पूरा कारोबार ले लिया. लाइनक्स सिस्टम की व्यावसायिक कीमत उस समय 12 बिलियन डालर की थी. अरुण का विश्वास है कि इस कामयाबी से बहुत से नए सौदों के साथ-साथ 5500 उपभोक्ता वीए लाइनक्स के भी मिले, परन्तु इस सौदे का सर्वोत्तम हिस्सा कहीं और ही था. 'वीए लाइनक्स सिस्टम' के सह-संस्थापक डगलस जे. बॉन का सीडीसी में आना इस सौदे की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि थी. डगलस के सीडीसी के अध्यक्ष और मुख्य कार्य प्रणाली अधिकारी हैं. डगलस को दुनिया में सबसे तेज़ गति वाला सुपर कंप्यूटर बनाने का विश्वास है, वास्तव मे एक उपयुक्त उपभोक्ता को ढूंढने की ही देर है. कंपनी ने गूगल के संस्थापक निदेशक राम श्रीराम को बोर्ड में, और श्रीनिधि वरदराजन को, जो कि 'चैक प्वाइंट एपलिकेशन एलागरिथम' में एक बड़ी हस्ती माने जाते हैं, मुख्य तकनीकी अधिकारी के रूप में शामिल कर लिया है. सीडीसी ने बंगलोर में अपना एक और ऑफ़शोर डेवलपमेंट केंद्र बना लिया है, जिससे उसके खर्च में लगभग आधी कटौती हो गई है. |
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