|
प्रकाश की गति से होगा डेटा ट्रांसफ़र | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कंप्यूटर चिप्स बनाने वाली प्रमुख कंपनी इंटेल ने एक नई तकनीक ढूँढ़ ली है जिससे कंप्यूटर डेटा प्रकाश की गति से ट्रांसफ़र हो सकेगा. वैज्ञानिकों ने अब उस मूलभूत समस्या का समाधान तलाश लिया है जिसके तहत सिलिकॉन का उपयोग लेज़र उत्पन्न करने और उसकी क्षमता बढ़ाने के लिए संभव नहीं होता था. इस नए शोध के बाद माना जा रहा है कंप्यूटर नेटवर्क में डेटा ट्रांसफ़र तेज़ और आसान हो जाएगा. इंटेल के शोधकर्ताओं का कहना है कि उत्पादों में यह तकनीक इस दशक के अंत तक आने की उम्मीद है. इंटेल फ़ोटोनिक्स टेक्नॉलॉजी लैब के निदेशक डॉ मारियो पैनिशिया ने कहा है, "हमने एक समस्या की जड़ को ख़त्म करने का उपाय ढूँढ़ लिया है." इस शोध में लगे वैज्ञानिकों ने कहा है जिन सामग्रियों से इस समय कंप्यूटर के चिप बनाए जाते हैं उन्हीं का उपयोग करके अब निरंतर लेज़र पैदा की जा सकेगी. तकनीक डॉ पैनिशिया का कहना है कि इस समय लेज़र की ताक़तवर बनाने और उसे ऑप्टिकल फ़ाइबर के ज़रिए भेजने की तकनीक बेहद महंगी है.
उनका कहना है कि अब ऑप्टिकल फ़ाइबर बनाने के लिए गैलियम आर्सेनाइड की जगह सिलिकॉन का उपयोग किया जा सकेगा. कंप्यूटर चिप बनाने वाली कंपनियाँ सिलिकॉन के उपयोग को प्राथमिकता देंगी क्योंकि यह सस्ता है. वैज्ञानिक बताते हैं कि वैसे तो सिलिकॉन में कुछ ऐसे इलेक्ट्रॉन होते हैं जो बाधा डालते हैं लेकिन इंटेल के शोधकर्ताओं ने ऐसे बाधा डालने वाले इलेक्ट्रॉनों को सिलिकॉन से हटाने में सफ़लता पाई है. इसके बाद सिलिकॉन का उपयोग अब लेज़र उत्पन्न करने और उसकी ताक़त बढ़ाने के लिए भी किया जा सकेगा. जिसका मतलब है सस्ते केबल और डेटा ट्रांसफ़र की गति में आश्चर्यजनक तेज़ी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||