किसी अनजान जगह पर मोबाइल नंबर न दें

बैंक, सरकारी फॉर्म और कई जगह ऑनलाइन काम करते समय अब मोबाइल नंबर दिए बिना अपना काम पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है.
घर पर कोई भी सामान खराब हो और कई कंपनियों में सर्विस के लिए गुज़ारिश करनी हो तो हमेशा कोई मोबाइल नंबर मांगा जाता है. अगर लैंडलाइन नंबर दें तो कंपनियां नाक भौं सिकोड़ती हैं.
सभी रिटेल स्टोर में जब आप पेमेंट के लिए जाते हैं तो उन्हें आपका मोबाइल नंबर मांगने की आदत हो गई है. आधार कार्ड बनवाने के लिए मोबाइल नंबर देना ज़रूरी होता है. लेकिन किसी भी खरीदारी के लिए ये ज़रूरी नहीं होता है. उन जगहों पर बिना नंबर दिए आपका काम आसानी से हो सकता है.
इसीलिए ज़्यादातर जगह अपना मोबाइल नंबर देने की ज़रुरत नहीं है. कई जगह अपना लैंडलाइन नंबर देकर आप काम चला सकते हैं.
आपके मोबाइल नंबर लेने के लिए कंपनियां कभी-कभी कहती हैं कि आपको सेल आदि के बारे में पहले पता चल जाएगा.

इमेज स्रोत, Thinkstock
दरअसल, कंपनियों के लिए अपने ग्राहकों को एसएमएस भेजना बहुत सस्ता पड़ता है. ग्राहकों से कनेक्ट करने के लिए मैसेज भेज कर उन तक अपनी जानकारी पहुंचाने का ये तरीका कंपनियों के लिए आसान है लेकिन ये आपको परेशान कर देता है.
कंपनियां आजकल घर पर फ़ोन, गैस या दूसरी सर्विस के बिल नहीं भेजना चाहती हैं और आपसे कहती हैं कि ईमेल पर बिल मंगवा लीजिए. कंपनियों से अगर दोनों करने को कहें तो वो अकसर तैयार नहीं होती हैं. लेकिन अगर आप उन्हें घर पर हर महीने बिल भेजने को कहेंगे तो वो हज़ार बहाने बनाएंगी कि पर्यावरण के हित में आपको घर पर बिल नहीं मंगवाना चाहिए.

इमेज स्रोत, AFP
इससे कंपनियों के कागज़, छपाई और कूरियर के पैसे बचते हैं. 10 लाख ग्राहकों के लिए अगर सिर्फ हर महीने 20-20 रुपए कंपनी बचा ले, तो कंपनी के लिए ये महीने के दो करोड़ रुपये की बचत हो जाती है.
इ-कॉमर्स वेबसाइट पर मोबाइल नंबर देना ज़रूरी होता है. उसके लिए अगर अलग नंबर रख लें तो बढ़िया होगा. जब भी खरीदारी की तभी फ़ोन को ऑन कर सकते हैं.
किसी भी ऑनलाइन फ्री ऑफर पर अपना मोबाइल नंबर मत दीजिए. ऐसी वेबसाइट सिर्फ आपका नंबर इकठ्ठा करने के लिए लुभावने ऑफर देते हैं. कई बार जिस प्रोडक्ट को आप तलाश रहे हों, वो ऐसी वेबसाइट पर मिलता भी नहीं है.

इमेज स्रोत, Getty
1909 डायल करके अपने नंबर पर 'डू नॉट कॉल' को ज़रूर एक्टिवेट कर दीजिए. किसी भी मोबाइल फ़ोन कंपनी की सर्विस इस्तेमाल कर रहे हों, 'डू नॉट कॉल' की लिस्ट में शामिल होने का आपका अधिकार है.
एक बार ये सर्विस शुरू हो जाए उसके बाद कोई भी कॉल या मैसेज आने पर इसी नंबर पर आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं. टेलीकॉम नियामक ट्राई का कहना है कि काफी लोग अपने नंबर 1909 पर रजिस्टर नहीं कराते हैं, इसलिए अनचाहे कॉल या मैसेज के खिलाफ वो शिकायत नहीं कर सकते हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> क्लिक करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi " platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












