नेब्रा स्काई डिस्क: देखना चाहेंगे 'सितारों का सबसे पुराना नक्शा'

नेब्रा स्काई डिस्क

इमेज स्रोत, Getty Images

आज के समय में तकनीकी विकास ने कई चीज़ों को बेहद आसान कर दिया है. हम धरती पर बैठ कर अंतरिक्ष, तारों और ग्रहों को देख सकते हैं. इंसान चांद पर पहुंच चुका है, मंगल पर पहुंचने की कोशिश कर रहा है और हर रोज़ ब्रह्मांड के नए राज़ से रुबरु हो रहा है लेकिन सैकड़ों सालों पहले ऐसा नहीं था.

ख़गोल-वैज्ञानिक और उसकी समझ रखने वाले थे लेकिन तकनीकी विकास आज जितना नहीं था, बावजूद इसके वे उन्हीं सीमित संसाधनों में खगोल-विज्ञान को समझते-समझाते थे.

उस दौर में धातु के नक्शे बनाकर ग्रहों और तारों की स्थिति का अध्ययन किया जाता था और एक ऐसा ही बहुमूल्य नक्शा ब्रिटिश संग्रहालय में प्रदर्शन के लिए रखा जाना है. दुनिया के सबसे पुराने सितारों के नक्शे को लोगों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा.

नेब्रा स्काई डिस्क लगभग 3600 साल पुराना माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इसे कांस्य युग में बनाया गया होगा.

साल 1999 में यह जर्मनी में मिला था. इस कांस्य डिस्क को 20वीं शताब्दी की सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोजों में से एक माना जाता है.

नेब्रा स्काई डिस्क

इमेज स्रोत, Getty Images

हालांकि इसकी खोज को लेकर बहुत विवाद भी रहे हैं. कुछ विद्वानों में इसकी प्रामाणिकता को लेकर विवाद है.

नेब्रा डिस्क का व्यास लगभग 30 सेमी है. इसमें नीले-हरे रंग का आधार है. सूर्य, चंद्रमा और सितारों को सुनहरे रंग से प्रदर्शित किया गया है.

यह डिस्क यूनेस्को के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज़ों की वैश्विक सूची में शामिल भी है. यह डिस्क मानव सभ्यता के सोने की धातु के प्रारंभिक ज्ञान के बारे में भी जानकारी देती है.

यह डिस्क जर्मनी के स्टेट म्यूज़ियम ऑफ़ प्री-हिस्ट्री के तहत आता है लेकिन इसे ब्रिटिश म्यूज़ियम को उधार दिया जा रहा है.

ब्रिटिश संग्रहालय ने कहा कि वह इसे फरवरी में खुलने वाले स्टोनहेंज पर एक प्रदर्शनी के दौरान प्रदर्शित करेंगे.

द वर्ल्ड ऑफ़ स्टोनहेंज प्रदर्शनी के क्यूरेटर नील विल्किन ने इस डिस्क के बारे में कहा कि "यह आंखें खोलने वाला है."

नेब्रा डिस्क में सूर्य और उसके साथ ही दूसरे खगोलीय पिंडों को दर्शाया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि सूर्य उत्तरी यूरोपीय कांस्य युग में धर्म का केंद्र था.

नेब्रा स्काई डिस्क

इमेज स्रोत, ullstein bild

पुरातत्वविद और कांस्य युग के विशेषज्ञ प्रो मिरांडा एल्डहाउस-ग्रीन ने इससे पहले बीबीसी को बताया था कि नेब्रा डिस्क पर मौजूद प्रतीक विश्वास प्रणाली का हिस्सा हैं, जिससे लोग स्वर्ग को देखते हैं, उनकी पूजा करते हैं, सूर्य की पूजा करते हैं, चंद्रमा की पूजा करते हैं.

उन्होंने कहा था कि क्योंकि नेब्रा इन सभी प्रतीकों को एक साथ प्रदर्शित करता है इसलिए इससे पता चलता है कि उस वक़्त लोग वास्तव में क्या देख रहे थे, क्या समझ रहे थे और उनका विश्वास क्या था.

यह डिस्क जर्मनी के नेब्रा शहर के पास तलवारों, कुल्हाड़ियों और कांस्य युग से जुड़ी दूसरी चीज़ों के साथ मिला था.

इसके बारे में दो अवैध ट्रेज़र हंटर्स को पता चला था. उन्होंने मेटल डिटेक्टर की मदद से इसे खोजा था और बाद में पुलिस ने इसे उनसे बरामद कर लिया था.

एक ओर जहां कुछ लोग इसे कांस्य युग से जोड़कर देखते हैं वहीं कुछ इसके नकली होने का दावा करते हैं.

पिछले साल सितंबर में इसे लेकर एकबार फिर बहस शुरू हुई थी. हालांकि जर्मनी के संग्रहालय ने दावों को खारिज कर दिया था.

द वर्ल्ड ऑफ़ स्टोनहेंज अगले साल 17 फरवरी से 17 जुलाई तक खुला रहेगा.

ये भी पढ़ें

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)