|
नारायणन ने बयान पर सफ़ाई पेश की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन के हाल के बयानों पर उभरे विवाद के बाद उन्होंने सफ़ाई पेश की है. प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार ने एमके नारायणन के हवाले से कहा है कि उनके बयानों को सही परिप्रेक्ष्य में पेश नहीं किया गया है. मुंबई के हमलों पर नारायणन ने कहा था कि पाकिस्तान ने भारत से कुछ और जानकारी माँगी है. जबकि विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी लगातार कहते रहे हैं कि पाकिस्तान ने अब तक भारत के दस्तावेज़ों का जवाब नहीं दिया है और वह इस पर गंभीरता से काम नहीं कर रहा है. सार्वजनिक तौर पर सरकार के दो प्रमुख लोगों के अलग अलग बयान सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे थे. साथ ही भारत और अमरीका के रिश्तों पर उनके विचारों पर भी प्रधानमंत्री कार्यालय ने सफ़ाई दी है. नारायणन ने कहा था कि अगर अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा कश्मीर को पाकिस्तान के पश्चिमी क्षेत्र में फैले तनाव से जोड़ कर देखेंगे तो ये पूरी तरह से ग़लत होगा. ओबामा से अपेक्षाएँ अब कहा जा रहा है कि नारायणन ने भारत अमरीका संबंधों पर किए सवाल के जवाब में भारत की अमरीका के नए प्रशासन से अपेक्षाएँ व्यक्त की थीं. उन्होंने कहा था कि भारत को उम्मीद है कि वो नए अमरीकी प्रशासन को कश्मीर और अन्य मुद्दों पर भारत का मत समझाने में कामयाब रहेगा. नारायणन ने ये भी कहा था कि भारत के लिए मुशर्रफ़ प्रशासन से रिश्ते बनाना इस प्रशासन की तुलना में ज़्यादा आसान था. अब स्पष्टीकरण आया है कि टीवी इंटरव्यू में पूछे सवाल के जवाब में पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की भूमिका की चर्चा हुई थी और चूंकि पूरी बात की जगह नारायणन के जवाबों के अंश पेश किए गए इसलिए उसका अर्थ बदल गया. प्रेक्षकों का कहना है कि मुंबई हमलों के बाद से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का महत्व घटता नज़र आ रहा है और गृह मंत्री पी चिदंबरम और विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी दोनों ही राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में ज़्यादा मुखर हैं और उनकी भूमिका बढ़ी है. |
इससे जुड़ी ख़बरें 'हमें पाकिस्तान के जवाब का इंतज़ार'02 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान से सवाल-जवाब पर सवाल01 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान ने कोई जवाब नहीं दिया है'31 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस जाँच पूरी, भारत को सूचित करेंगे: क़ुरैशी31 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'मीडिया के ज़रिए बात नहीं करना चाहते'30 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'आतंकवाद और आर्थिक संकट से लड़ें'25 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस जब गीलानी ने लिया मोदी का सहारा...24 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||