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जाँच पूरी, भारत को सूचित करेंगे: क़ुरैशी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय ने मुंबई धमाकों के संबंध में भारत के भेजे दस्तावेज़ों पर प्रारंभिक जाँच पूरी कर ली है और जल्द ही इसे भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उपलब्ध कराया जाएगा. मुंबई में पिछली नवंबर में हुए हमलों में 170 से अधिक लोग मारे गए थे और लगभग 300 घायल हो गए थे. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव ख़ासा बढ़ा हुआ है. भारत ने पाकिस्तान में मौजूद तत्वों को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराते हुए उन्हें भारत के सुपुर्द करने की माँग की है. उधर पाकिस्तान ने इस माँग को ख़ारिज करते हुए कहा है कि वह भारत के दिए गए दस्तावेज़ों के आधार पर जाँच करवा रहा है और यदि कोई पाकिस्तानी इससे संबंधित पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. गुरुवार को एक भारतीय टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त वाजिद शम्सुल हसन ने कहा था कि 'उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक मुंबई हमलों का षड्यंत्र पाकिस्तान या फिर ब्रिटेन में नहीं रचा गया.' भारत के दिए गए दस्तावेज़ों पर उनका कहना था कि 'ऐसे सबूत बनाए भी जा सकते हैं क्योंकि भारत ने पाकिस्तान पर आरोप तो हमले के एक दिन बाद से ही लगाना शुरु कर दिया था लेकिन ये सबूत 45 दिन बाद सौंपे हैं.' इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि मुंबई हमलों के बारे में भारत मीडिया के ज़रिए बातचीत नहीं करना चाहता और 'सबूतों के रुप में जो दस्तावेज़ पाकिस्तान को सौंपे गए हैं उनके बारे में अभी तक वहाँ से कोई अधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.' पाकिस्तान में गहमागहमी उधर पाकिस्तान के राजनीतिक हल्कों में ब्रिटेन में पाकिस्तान उच्चायुक्त के बयान के बाद काफ़ी गहमागहमी रही. इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता एहतशामुल हक़ ने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी ने कहा है कि इस बारे में ये तय किया जा चुका है कि केवल आधिकारिक प्रवक्ता ही विचार रखेंगे और किसी अन्य व्यक्ति को इस बारे में बोलने का हक़ नहीं है. भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के नाराज़गी भरे बयान के बाद, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि जाँच पूरी हो गई है और क़ानून मंत्रालय इस रिपोर्ट पर पुनर्विचार करेगा और इसके बाद ये विदेश मंत्रालय के दी जाएगी. उनका कहना था, "आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय की फ़ेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसी ने प्रारंभिक जाँच पूरी कर ली है और इसे क़ानून मंत्रालय को भेज दिया है. पाकिस्तान ने भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आश्वासन दिया है कि जाँच में पूरी गंभीरता से प्रगति हो रही है और वह दोषियों को सज़ा दिलाना चाहता है." उनका ये भी कहना था कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति चाहता है और पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है. क़ुरैशी ने ये भी कहा कि भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त शाहिद मलिक ने भारतीय गृह मंत्री पी चिदंबरम से बात की है और उन्हें जाँच में प्रगति से अवगत कराया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मीडिया के ज़रिए बात नहीं करना चाहते'30 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल नहीं हुआ'30 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'भारत के लिए जासूसी पर गिरफ़्तारी'29 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान चीन की ओर झुका22 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस आतंकवाद पर संसद में प्रस्ताव पारित11 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई हो'13 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस संदिग्ध हमलावर के बचाव पर बवाल15 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'पाक चरमपंथी गतिविधियां बंद करे'14 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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