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'मीडिया के ज़रिए बात नहीं करना चाहते' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि मुंबई हमलों के बारे में भारत मीडिया के ज़रिए बातचीत नहीं करना चाहता. उनका कहना है कि भारत ने मुंबई हमलों के सबूतों के रुप में जो दस्तावेज़ पाकिस्तान को सौंपे हैं उनके बारे में अभी तक वहाँ से कोई अधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हमें भी वहीं जानकारी मिली है जो मीडिया के पास है.” उन्होंने कहा, “हमें इस बारे में मीडिया के ज़रिए बात नहीं करना चाहिए.” प्रणब मुखर्जी ने पाकिस्तान के रवैये पर नाराज़गी ऐसे समय में व्यक्त की है जब ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त वाजिद शम्सुल हसन ने एक टीवी चैनल से हुई बातचीत में कहा है कि मुंबई हमलों के लिए पाकिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल नहीं किया गया है. हालांकि उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान जल्दी ही दस्तावेज़ के जवाब भेज देगा. उल्लेखनीय है कि भारत ने अपने दस्तावेज़ में कहा है कि मुंबई हमलों का षडयंत्र पाकिस्तान में रचा गया है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तो यह आशंका भी जताई थी कि इन हमलों के पीछे पाकिस्तान की एजेंसियाँ भी शामिल हो सकती हैं. यह पहली बार नहीं है जब भारत ने इस मामले में मीडिया के ज़रिए बातचीत पर आपत्ति जताई है. इससे पहले भी भारत कह चुका है कि वह मुंबई हमलों के बारे में पाकिस्तान सरकार से मीडिया के ज़रिए बात नहीं करना चाहता. | इससे जुड़ी ख़बरें 'पाकिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल नहीं हुआ'30 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस आतंकवाद पर संसद में प्रस्ताव पारित11 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई हो'13 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस संदिग्ध हमलावर के बचाव पर बवाल15 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'पाक चरमपंथी गतिविधियां बंद करे'14 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'लश्कर पर कार्रवाई को तैयार पाकिस्तान'07 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई ख़त्म, ताज की तलाशी जारी29 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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