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'आतंकवाद के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई हो' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि पड़ोसी देशों का नैतिक दायित्व है कि वे आतंकवाद के ख़िलाफ़ शीघ्र कड़े क़दम उठाएँ. राजधानी दिल्ली में आतंकवाद पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उदघाटन करते हुए मनमोहन सिंह ने दक्षिण एशिया में बढ़ती चरमपंथी गतिविधियों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा, "दक्षिण एशिया में बढ़ता आतंकवाद लोकतंत्र और विकास के लिए ख़तरा बनता जा रहा है. हमारे पड़ोसी देशों और दुनिया के दूसरे हिस्सों की सरकारों की ये नैतिक ज़िम्मेदारी है कि वे आतंकवाद के ख़िलाफ़ शीघ्र कड़ी कार्रवाई करें." प्रधानमंत्री ने 'अमनपसंद और लोकतांत्रिक शक्तियों' से चरमपंथ और असहिष्णुता के ख़िलाफ़ हाथ मिलाने का आह्वान किया. मनमोहन सिंह ने कहा, "आतंकवाद का ख़तरा सबके लिए एक समान है, इसलिए इसके ख़िलाफ़ लड़ाई भी एक साथ लड़ी जानी चाहिए. आज़ादी और शांति बनाए रखने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए." प्रधानमंत्री ने मुंबई में चरमपंथी हमले के मद्देनज़र भारत के साथ सहानुभूति जताने के लिए अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों समेत उन्हें दुनिया भर के राष्ट्रप्रमुखों के फ़ोन और पत्र मिले हैं. मनमोहन सिंह ने कहा, "उन्होंने भारत को आश्वासन दिया है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमारी लड़ाई में वे हमारे साथ हैं." | इससे जुड़ी ख़बरें भारत जानकारी साझा कर सकता है: प्रणव13 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान ने भारत से फिर सबूत मांगे12 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस जमात-उद-दावा के प्रमुख नज़रबंद11 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस कसाब को हिरासत में रखने का आदेश11 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'आतंकवादियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करे पाकिस्तान'11 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस आतंकवाद पर संसद में प्रस्ताव पारित11 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'स्थिति ख़तरनाक है, पाक कड़े कदम उठाए'12 दिसंबर, 2008 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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