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'स्थिति ख़तरनाक है, पाक कड़े कदम उठाए' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि मुंबई हमलों के बाद स्थिति ख़तरनाक है और पाकिस्तान को कड़े कदम उठाने चाहिए. अमरीकी विदेश उपमंत्री जॉन नेग्रोपॉंटे गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं से बात करने के बाद शुक्रवार को भारत में हैं. वे भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से बातचीत करेंगे और उन्हें अपने पाकिस्तान के अनुभव के बारे में बताएँगे. उनके प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मिलने की संभावना है. दूसरी ओर समाचार एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान ने कहा है कि भारत सरकार ने मुंबई धमाकों के सिलसिले में पाकिस्तान के साथ अभी तक जानकारी और सबूतों का कोई आदान-प्रदान नहीं किया है. समाचार एजेंसियों के अनुसार अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने सीएनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "मैंने भारत और पाकिस्तान में कोई भड़काने वाली बातचीत नहीं सुनी. मैंने पाया कि स्थिति से निपटने की (दोनों पक्षों में) ख़ासी चिंता है." अपनी हाल की भारत-पाकिस्तान यात्रा पर वस्तृत बातचीत करते हुए उन्होंने सीएनबीसी को बताया, " सौभाग्य है कि हम आज 2001-02 की युद्ध के क़रीब होने की स्थिति से कहीं बेहतर हालत में हैं...लेकिन स्थिति ख़तरनाक है और पाकिस्तान को कार्रवाई करनी होगी और कड़ी कार्रवाई करनी होगी." 'पाकिस्तान ने अहम क़दम उठाए'
उधर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के जमात-उद-दावा संगठन को प्रतिबंधित संगठनों की सूची में शामिल करने के बाद पाकिस्तान ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया है और कई जगहों पर जमात-उद-दावा के दफ़्तरों पर छापे मारे गए हैं और उन्हें 'सील' कर दिया गया है. पाकिस्तान ने गुरुवार को ही इस्लामी संगठन जमात-उद-दावा के नेता हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को नज़रबंद कर दिया था. हालाँकि कई विश्लेषक इन छापों और नज़रबंदी को ज़्यादा अहमियत नहीं दे रहे क्योंकि कई चरमपंथी नेताओं को पाकिस्तान में पहले नज़रबंद और फिर किया जा चुका है. पाकिस्तान की इस कार्रवाई के बाद अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शॉन मैक्कॉर्मेक ने कहा है, "...हमारा मानना है कि पाकिस्तान ने कुछ अहम कदम उठाए हैं. हमें सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसे हमले न हों, इसके लिए सभी कदम उठाए जाएँ. अंतत: जो लोग मुंबई हमलों के लिए ज़िम्मेदार हैं, उन्हें दंड मिलना ही चाहिए." उधर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने सरकारी टीवी चैनल पीटीवी से कहा, "हमारी अपनी जाँच भी एक हद से आगे तब तक नहीं बढ़ सकती जब तक पुष्ट जानकारी और मुंबई हमलों से संबंधित सबूत हमें उपलब्ध नहीं कराए जाते. हमारे अनुरोध के बावजूद भारत सरकार ने हमारे साथ किसी जानकारी या सबूत का आदान-प्रदान नहीं किया है." |
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