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'आतंकवाद और आर्थिक संकट से लड़ें' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा है कि देश को आतंकवादियों और कट्टरपंथियों से बचाना प्राथमिक कार्य है. 60वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में उन्होंने मुंबई हमलों का ख़ास तौर पर जिक्र किया और कहा कि हमला भारत के आत्मविश्वास को तोड़ने के लिए एक संगठित और सुनियोजित कार्रवाई थी. अपने संबोधन में भारत की पहली महिला राष्ट्रपति ने वित्तीय संस्थानों की निगरानी के लिए तंत्र को और मज़बूत बनाए जाने की बात कही. उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियों के ग़लत कार्यकलाप और सीमा से अधिक विस्तार के कारण शेयरधारकों को नुक़सान पहुँचा है. जवाबदेही प्रतिभा पाटिल ने कहा, "ऐसी घटनाएँ हमें अधिक सख़्तीपूर्वक कॉरपोरेट संचालन के लिए सतर्क करती हैं. ऐसे नुक़सान होने पर जवाबदेही के स्पष्ट नियम होने चाहिए. कुछ लोगों की समृद्धि दूसरे लोगों को उनके हक़ से वंचित करने की क़ीमत पर नहीं होनी चाहिए." राष्ट्रपति ने कहा कि उद्योग जगत के लिए यह बड़ा सबक है और सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय कर रही है कि वित्तीय संस्थाएँ और कंपनियाँ उच्च मानदंड और आचरण का सख़्ती से पालन करें. पिछले साल नवंबर में हुए मुंबई हमलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्राथमिक कार्य देश को आतंकवादियों और कट्टरपंथियों से बचाना है. उन्होंने कहा, "मुंबई में निर्ममतापूर्वक किया गया हमला भारत के आत्मविश्वास को तोड़ने के लिए एक संगठित और सुनियोजित कार्रवाई थी. इससे पूरे देश में रोष उत्पन्न हुआ. लेकिन आतंकवादियों की आशा के विपरीत इस घटना से भारतवासियों ने अपनी एकता और मज़बूती से प्रदर्शित की." कार्रवाई राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने आतंकवादी ख़तरों से निपटने के लिए एक एजेंसी बनाई है और क़ानूनी बदलाव भी किए हैं. इस ख़तरे से निपटने के लिए सभी एजेंसियों को सुदृढ़, समन्वित और संगठित नज़रिया अपनाना ज़रूरी है. उन्होंने अपने संबोधन में महिलाओं और युवाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि युवा आने वाले कल की उम्मीद हैं और राष्ट्र की एक अमूल्य संपत्ति हैं. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाए. महिलाओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "भारत की पहली महिला राष्ट्रपति होने के नाते अपने देश की महिलाओं के प्रति मेरी भावनाएँ स्वाभाविक रूप से जुड़ी हुई हैं. मैं उनकी कठिनाइयों से परिचित हूँ. उनका सशक्तिकरण ज़रूरी है." राष्ट्रपति ने कहा कि यह कार्य उन्हें शिक्षा और आर्थिक सहयोग देकर किया जा सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम25 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस मुठभेड़ में दो संदिग्ध चरमपंथी मारे गए25 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान के साथ सौतेला व्यवहार'24 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस जब गीलानी ने लिया मोदी का सहारा...24 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'हमलावर और पीड़ित बराबर नहीं'23 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'सीमापार 30 आतंकवादी शिविर सक्रिय'23 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'हम लड़ें... पर एक साथ, आतंकवाद से'23 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस सुरक्षा: राज्यों को सचेत रहने के निर्देश22 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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