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'पाकिस्तान के साथ सौतेला व्यवहार' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि 'आतंक के ख़िलाफ़ संघर्ष' में प्रमुख भूमिका में होने के बावज़ूद अफ़ग़ानिस्तान के मुकाबले में उनके देश के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है. परवेज़ मुशर्रफ़ को इस बात की शिकायत है कि अफ़ग़ानिस्तान को पाकिस्तान की तुलना में अधिक अमरीकी आर्थिक मदद मिल रही है. उन्होंने पाकिस्तान के भीतर अमरीकी मिसाइल हमलों की आलोचना भी की है. शुक्रवार को पाकिस्तान में अमरीकी मिसाइल हमलें में सात लोग मारे गए. समाचार एजेंसियों के मुताबिक शुक्रवार को सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में मुशर्रफ़ ने कहा, "इससे पाकिस्तान को पीड़ा होती है. इससे नेतृत्व, सरकार और पाकिस्तान के लोगों को पीड़ा होती है." मुशर्रफ़ ने कहा, "आतंकवाद की शुरुआत अफ़गानिस्तान से हुई थी क्योंकि मुजाहिदीन और चरमपंथी तालेबान सब अफ़ग़ानिस्तान में पनपे हैं. उन्हें पाकिस्तान से केवल मदद मिलती है....इसलिए हमें ये स्पष्ट होना चाहिए कि आतंकवाद की जन्मस्थली कहाँ है." नए अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बारे में मुशर्रफ़ ने कहा, "मैं हमेशा से यह कहता रहा हूँ कि व्यक्तित्व के साथ नीतियाँ नहीं बदलतीं. नीतियों में राष्ट्रीय हित होते हैं और नीतियाँ वातावरण पर निर्भर करती हैं." 'मुल्ला उमर कहाँ हैं?' मुशर्रफ़ ने सीएनएन से कहा कि अमरीकी नेतृत्व में आतंक के ख़िलाफ़ लड़ाई में पाकिस्तान के प्रयासों को और अधिक सहायता देकर पुरस्कृत करना चाहिए. हालाँकि उन्होंने बतौर राष्ट्रपति अपने कार्यकाल में पाकिस्तान को दी गई दस अरब डॉलर की सहायता के लिए अमरीका का शुक्रिया अदा किया लेकिन साथ ही इसकी तुलना अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में अमरीकी ख़र्च के साथ भी की. मुशर्रफ़ ने कहा, "एक लेख में मैने पढा कि अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान में लगभग 143 अरब डॉलर ख़र्च किए. आपने इराक़ में कितना ख़र्च किया - शायद एक ख़रब डॉलर से भी ज़्यादा... " उन्होंने कहा कि इससे पाकिस्तान के नेतृत्व और लोगों को पीड़ा होती है कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है. समझा जाता है कि अल कायदा नेता ओसामा बिन लादेन पाक-अफ़ग़ान सीमा से सटे कबायली इलाकों में कहीं छुपे हैं. मुशर्रफ़ से जब यह पूछा गया कि लादेन को अभी तक क्यों खोजा नहीं जा सका है, उन्होंने कहा, " इससे हमें कुछ लेना-देना नहीं है. " मुशर्रफ़ ने कहा, "मैं अमरीका से यह पूछना चाहूँगा कि क्यों उन्हें खोजा नहीं गया है. उनके पास ज़्यादा ख़ुफ़िया क्षमता है. मैं अमरीका से यह पूछना चाहूँगा कि तालेबान नेता मुल्ला उमर क्यों नहीं मिले?" |
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