BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 18 अगस्त, 2008 को 20:00 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मुशर्रफ़ के जाने से भारत में चिंता

करगिल की लड़ाई
भारत करगिल की लड़ाई के लिए मुशर्रफ़ को ज़िम्मेदार मानता है
पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के इस्तीफ़े ने उनके देश को भले ही जश्न में डुबो दिया हो लेकिन पड़ोसी भारत में कुछ लोगों के लिए ये घटना चिंता का सबब बन गई है.

भारत परंपरागत तौर पर पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति के बारे में सतर्कता पूर्वक टिप्पणी करता आया है और मुशर्रफ़ के इस्तीफ़े के बाद भी जो बयान आया वो उस लीक से हट कर नहीं था.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ना कहा, "पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के इस्तीफ़े के बारे में हम कोई टिप्पणी नहीं करने जा रहे हैं. यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है."

जब पिछले कुछ हफ़्तों से मुशर्रफ़ के भविष्य के बारे में तरह-तरह की चर्चाएँ हो रही थीं, उसी दौरान एक वरिष्ठ भारतीय राजनयिक ने कहा था कि उनके जाने से पाकिस्तान में एक तरह की राजनीतिक शून्यता आ जाएगी.

चरमपंथ

हाल के अपने एक इंटरव्यू में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नरायाणन ने कहा था,"भारत इस शून्यता को लेक बेहद गंभीर है क्योंकि इससे चरमपंथी इस बात के लिए आज़ाद हो जाएंगे कि वो जो चाहें वो करें- केवल पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर ही नहीं बल्कि हमारी सीमा में भी."

परवेज़ मुशर्रफ़ से भारत के रिश्ते न तो बेहद आत्मीय रहे हैं और ना ही ख़राब.

भारतीय सरकारी तंत्र में कई लोग उन्हें शक की निगाह से देखते हैं, ख़ास कर 1999 की करगिल लड़ाई के बाद.

भारतीय दूतावास पर हमले के बाद रिश्तों में खटास आई है

उस समय वो सेना प्रमुख थे और ये माना गया कि संघर्ष शुरु करने में उनकी मुख्य भूमिका थी.

हालाँकि पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत ने भी उनसे बातचीत करने का सही तरीका सीख लिया था.

भारत में एक धारणा ये है कि पाकिस्तान में सर्वशक्तिशाली सैनिक तानाशाही से ज़्यादा उम्मीद की जा सकती है बनिस्पत एक ऐसी कमज़ोर नागरिक सरकार से जो ख़ुफ़िया सेवा और सेना के साये में हो.

पाकिस्तान में उच्चायुक्त रह चुके जी पार्थसारथी ने एक स्थानीय अख़बार में लिखा है, "मुशर्रफ़ के हटने का नतीजा ये होगा कि सेना भारत के साथ रिश्ते के मुद्दों, तालेबान को समर्थन और परमाणु हथियारों के बारे में ज़्यादा स्वायत्त भूमिका निभाएगी."

राजनीतिक अस्थिरता

मौजूदा समय दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज़ से कठिन समय है.

भारत के शहरों में सिलसिलेवार धमाके और भारत प्रशासित कश्मीर में बढ़ती हिंसा ने वर्ष 2004 में शुरु हुई शांति वार्ता पर ग्रहण लगा दिया है.

पिछले महीने काबुल स्थित भारतीय दूतावास पर हुए हमले के लिए भारत ने सार्वजनिक तौर पर पाकिस्तान की ख़ुफ़िया इकाई को ज़िम्मेदार ठहराया. हालाँकि पाकिस्तान ने तुरंत इसका खंडन कर दिया.

और पिछले हफ़्ते भारत प्रशासित कश्मीर में पुलिस फ़ायरिंग पर पाकिस्तान की टिप्पणी से खटास और बढ़ी है.

ऐसे में पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता भारत के लिए निराशाजनक है. निजी तौर पर वरिष्ठ अधिकारी यहाँ तक कहते हैं कि उन्हें ये पक्की तौर पर पता नहीं कि वो वहाँ किससे बात करे और किसके हाथ में ताकत है.

परवेज़ मुशर्रफ़सियासतदाँ कमांडो
सेना और सियासत में सिक्का जमा चुके मुशर्रफ़ अब किसी पद पर नहीं...
मुशर्रफ़याद रहेंगे मुशर्रफ़.
मुशर्रफ़ अपने कई फ़ैसलों के लिए पाकिस्तान में याद रखे जाएंगे.
मुशर्रफ़मुशर्रफ़ पर आपकी राय
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के इस्तीफ़े पर आपकी प्रतिक्रिया.
मुशर्रफ़मुशर्रफ़ का सफ़र
सेनाध्यक्ष से राष्ट्रपति और फिर....इस्तीफ़ा
परवेज़ मुशर्रफ़भाषण का ऑडियो
राष्ट्र के नाम दिए गए परवेज़ मुशर्रफ़ के भाषण के अंश सुनिए.
इससे जुड़ी ख़बरें
पाक बयानों पर भारत को आपत्ति
13 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>