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रविवार, 14 दिसंबर, 2008 को 11:26 GMT तक के समाचार
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'बात नहीं, कार्रवाई का समय'
गॉर्डन ब्राउन और आसिफ़ अली ज़रदारी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि ब्रितानी अधिकारी जिन गंभीर आतंकवादी साज़िश की घटनाओं की जाँच कर रहे हैं, उनमें से ज़्यादातर के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं.

पाकिस्तान में राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा कि अब बात नहीं काम करने का समय आ गया है.

उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद से निपटने के लिए 60 लाख पाउंड की सहायता देने की पेशकश भी की.

ब्राउन ने कहा, "ब्रितानी अधिकारी जिन गंभीर आतंकवादी साज़िश की जाँच कर रहे हैं, उनमें से तीन चौथाई के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं."

राष्ट्रपति ज़रदारी से मुलाक़ात से पहले वे भारत में थे और वहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मुलाक़ात की.

भरोसा

मुंबई हमलों में मारे गए लोगों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए गॉर्डन ब्राउन ने भारत को भी आतंकवाद से निपटने में हरसंभव मदद देने का भरोसा दिलाया.

 मैंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भरोसा दिलाया है कि हम उन्हें हरसंभव सहायता देंगे. हम आतंकवाद से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगे. हम सुरक्षा के मुद्दे पर भी सहयोग करेंगे
गॉर्डन ब्राउन

उन्होंने कहा, "मैंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भरोसा दिलाया है कि हम उन्हें हरसंभव सहायता देंगे. हम आतंकवाद से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगे. हम सुरक्षा के मुद्दे पर भी सहयोग करेंगे."

प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि मुंबई हमलों के लिए लश्कर-ए-तैबा ज़िम्मेदार है. भारत ने पाकिस्तान को इस संगठन के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को कहा था.

पाकिस्तान मुंबई हमलों में अपनी किसी भूमिका से इनकार करता रहा है लेकिन उसने मुंबई हमलों की जाँच में सहयोग का वादा भी किया है.

मुंबई हमलों में 170 से ज़्यादा लोग मारे गए थे, जिनमें एक ब्रितानी नागरिक भी था. मुंबई पुलिस का दावा है कि उन्होंने दस में से एक हमलावर को पकड़ा है.

हिरासत

मोहम्मद अजमल आमिर क़साब नाम का यह संदिग्ध अभी मुंबई पुलिस की हिरासत में है. प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि ब्रितानी पुलिस भी क़साब से पूछताछ करना चाहती है.

गॉर्डन ब्राउन ने मनमोहन सिंह से भी मुलाक़ात की

भारत का दावा है कि सभी 10 हमलावर पाकिस्तान से आए थे.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में गॉर्डन ब्राउन ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष के लिए पाकिस्तान के साथ सहयोग की नई पेशकश की.

उन्होंने कहा, "अब समय ये आ गया है कि बोलने की बजाए कार्रवाई हो. मैं आतंकवाद के ख़ात्मे के लिए पाकिस्तान और अन्य देशों की मदद करना चाहता हूँ. हम पाकिस्तान के साथ आतंकवाद विरोधी कार्यक्रम का दायरा और बढ़ाएँगे."

ब्रितानी प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान भी आतंकवाद से प्रभावित है और अभी तक इस साल वहाँ 50 आत्मघाती हमले हो चुके हैं.

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