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'मेरा ही बेटा है अजमल क़साब' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई हमलों के सिलसिले में भारत में गिरफ़्तार किए गए एकमात्र चरमपंथी मोहम्मद अजमल अमीर क़साब के पिता ने पाकिस्तान के प्रतिष्ठित समाचारपत्र 'डॉन' से बातचीत में अपने बेटे की शिनाख़्त की है. अजमल के पिता अमीर क़साब ने कहा कि मीडिया में जिस युवक की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं वह उनका बेटा अजमल ही है. अपनी 'बदक़िस्मती' पर रोते हुए लगभग पचपन वर्षीय अमीर क़साब ने कहा, "पहले कुछ दिन तो मैं मानने को तैयार नहीं था, मैं ख़ुद से कहता रहा कि ये मेरा बेटा नहीं हो सकता, अब मैंने मान लिया है." पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के औकाड़ा ज़िले के फ़रीदकोट गाँव में अपने घर के आँगन में बैठे अमीर क़साब ने कहा, "सच यही है कि मैंने अख़बार में जो तस्वीर देखी है वह मेरे बेटे अजमल की ही है." अजमल क़साब को भारत में सुरक्षा कारणों से एक अज्ञात स्थान पर रखा गया है और मुंबई की एक अदालत ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया है. बीबीसी के संवाददाता अली सलमान ने सबसे पहले फ़रीदकोट जाकर ये ख़बर दी थी कि इस बात के पूरे आसार दिख रहे हैं कि अजमल उसी गाँव का रहने वाला है. अली सलमान ने फ़रीदकोट का दौरा करने के बाद कहा था कि वहाँ बड़ी संख्या में ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के एजेंट तैनात हैं और जिसे अजमल क़साब का घर बताया जा रहा था उस पर ताला लटका था. कार्रवाई इस बीच पाकिस्तान में इस्लामी संगठन जमात-उद-दावा के समर्थकों को बड़ी संख्या में गिरफ़्तार किया गया है.
संयुक्त राष्ट्र ने जमात-उद-दावा को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है और बुधवार से ही इसके दफ़्तरों को बंद करने का अभियान शुरू हो गया है. जमात-उद-दावा चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैबा का हिस्सा बताया जाता है और इसके प्रमुख हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को गुरूवार को तीन महीने के लिए नज़रबंद कर दिया गया है. ख़ुद को इस्लामी चैरिटी बताने वाले संगठन के देश भर में दफ़्तर हैं जिन पर पुलिस अधिकारियों ने सरकारी सील लगा दी है. हाफ़िज़ मोहम्मद सईद का कहना है कि वे 2001 में ही ख़ुद को लश्कर-ए-तैबा से अलग कर चुके हैं और मुंबई के हमलों से उनका कोई ताल्लुक़ नहीं है. इससे पहले लश्कर-ए-तैबा के दो कट्टरपंथी नेताओं ज़की-उर-रहमान लाखवी और ज़र्रार ख़ान को पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है. भारत का कहना है कि मुंबई के हमलों का मुख्य सूत्रधार लाखवी ही था. |
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