|
भारत-पाकिस्तान वार्ता में 'ठोस प्रगति' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर, आतंकवाद और विश्वास बढ़ाने के अन्य कदमों पर छह महीने के बाद बातचीत फिर से शुरु हुई है. इस्लामाबाद में अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच मंगलवार को चर्चा हुई है. इस बातचीत को दोनों ही देशों ने संतोषजनक प्रगति क़रार दिया है. पाकिस्तान में नई सरकार बनने के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली बातचीत है. भारत के विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने दोनों देशों के बीच वार्ता के चौथे दौर के तहत पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर से मुलाक़ात की है. मुलाक़ात के बाद शिवशंकर मेनन ने कहा, "पिछले कुछ वर्षों के दौरान हमने निश्चित रूप से ठोस प्रगति की है." भारतीय विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी इसी बातचीत के हिस्से के रूप में पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाक़ात करेंगे. भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने इस्लामाबाद में शाम को संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमारे बीच उन मुद्दों पर विचार-विनिमय की एक सतत प्रक्रिया है, जहाँ हमें लगता है कि किसी पक्ष की रूचि है या कुछ किया जा रहा है. उदाहरण के लिए समझौता एक्सप्रेस का मुद्दा ऐसी ही प्रक्रिया का हिस्सा है." शिवशंकर मेनन ने कहा, "संयुक्त आतंकवादरोधी व्यवस्था पर हमारी दो बैठकें हुई हैं. जिसमें हमने सूचनाओं का आदान-प्रदान किया. जहाँ तक कश्मीर के व्यापक सवाल की बात है तो, हाँ हमने इस पर विचार-विमर्श किया. लेकिन मैं इस वक़्त बातचीत के मुद्दों पर विस्तार से नहीं बोलना चाहूँगा." दोनो देशों के बीच चौथे दौर की वार्ता वर्ष 2004 में शुरु हुई थी लेकिन पिछले छह महीनों से पाकिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल के कारण रुकी पड़ी थी. कथित घुसपैठ, गोलीबारी पर चर्चा समाचार एजेंसियों के अनुसार भारत ने सीमापार से भारतीय प्रशासित कश्मीर में कथित घुसपैठ और नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की घटनाओं के मुद्दे उठाए हैं. बैठक में सियाचिन, सरक्रीक के साथ-साथ आर्थिक और व्यावसायिक संबंधों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के मुद्दों पर भी चर्चा हुई है. ये भी माना जा रहा है कि भारत ने नियंत्रण रेखा के आर-पार बस सेवा बढ़ाए जाने और श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद के बीच ट्रक सेवा शुरू किए जाने की बात उठाई है. भारत ने श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा और पुंछ-रावलाकोट बस सेवा को पखवाड़े में एक बार चलाने की जगह हफ़्ते में एक बार चलाने पर और करगिल-स्कार्दू बस सेवा और जम्मू-सियालकोट बस सेवा शुरू करने पर ज़ोर दिया है. दोनो देशों की जेलों में क़ैद एक-दूसरे देश के नागरिकों की जल्द रिहाई के बारे में भी चर्चा हुई है. ग़ौरतलब है कि वार्ता के इस चरण की शुरुआत से पहले पूर्व भारतीय राजनयिक जी पार्थसार्थी ने बीबीसी से बातचीत में कहा था,'' भारत को आतंकवाद को लेकर अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने की ज़रूरत है. साथ ही वार्ता को आगे बढ़ाए जाने की आवश्यकता है.'' उनका कहना था कि भारत सरकार को ये भी देखना होगा कि पाकिस्तान में नई सरकार की नीतियाँ क्या हैं. |
इससे जुड़ी ख़बरें 'चरमपंथी भारत-पाक रिश्तों के विरोधी'17 मई, 2008 | भारत और पड़ोस छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी....06 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान को जल्द बातचीत की उम्मीद27 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस जो बीत चुका, उसे पीछे छोड़ें: मनमोहन05 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान से वार्ता बहाल होने की उम्मीद'21 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस आतंकवाद निरोधी प्रणाली की दूसरी बैठक22 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस आज़ादी के दिन मछुआरे होंगे रिहा04 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस भारत-पाक के बीच परमाणु समझौता21 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||