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'चरमपंथी भारत-पाक रिश्तों के विरोधी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जयपुर बम धमाकों के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि कहा है कि चरमपंथी नहीं चाहते हैं कि भारत औऱ पाकिस्तान के रिश्ते सामान्य हों. उन्होंने कहा कि चरमपंथियों के ‘मंसूबों को कामयाब होने से रोकने के लिए कदम उठाने की ज़रूरत है.’ दो दिनों की अपनी भूटान यात्रा समाप्त होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा चरमपंथी भारत में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना चाहते हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, ‘हमें ऐसे खतरों को ध्यान में रखना होगा और उनसे निपटने के लिए कड़े कदम उठाने की ज़रूरत है.’ याद रहे कि भारत और पाकिस्तान के बीच इस्लामाबाद में 20 और 21 मई को वार्ताएं होंगी. 20 मई को भारत औऱ पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ताएं होंगी औऱ अगले दिन दोनो देशों के विदेश मंत्रियों के बीच विचार विमर्ष होगा. दोनो देशों के बीच ये वार्ताएं करीब सात महीनों के अंतराल के बाद हो रही हैं. जयपुर धमाकों के बाद भारत औऱ पाकिस्तान के बीच होने वाली इस बैठक में आतंकवाद एक बड़ा मुद्दा होगा. भारत हमेशा से पाकिस्तान की ओऱ से होने वाली कथित घुसपैठ की ओर ध्यान आकर्षित करता रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'शांत दक्षिण एशिया' पर मनमोहन का ज़ोर17 मई, 2008 | भारत और पड़ोस गाह चाहता है मन मोहने वाला नाम07 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री उचित वेतन के पक्ष में21 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस भूटान से सहयोग जारी रखने की अपील16 मई, 2008 | भारत और पड़ोस मनमोहन सिंह भूटान की यात्रा पर16 मई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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