|
प्रधानमंत्री उचित वेतन के पक्ष में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रक्षा और सिविल सेवाओं से जुड़े अधिकारियों से कहा है कि वे इन सेवाओं के लिए उचित वेतन का समर्थन करते हैं. उल्लेखनीय है कि छठे वेतन आयोग ने हाल ही में अपना रिपोर्ट सौंपी था जिस पर सेना और सिविल सेवाओं के अधिकारियों ने अपनी नाराज़गी जताई थी. प्रधानमंत्री ने सोमवार को सिविल सेवा के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, "मैं चाहता हूँ कि हमारी सेना और सिविल सेवाओं से जुड़े लोगों को समुचित मेहनताना मिले. जब तक आप लोगों के हित के लिए दक्षता पूर्वक काम करते हैं तब तक मुझे नहीं लगता कि आपको बेहतर वेतन देने से करदाता नाख़ुश होंगें." छठे वेतन आयोग की सिफ़ारिशों को लेकर हुई आलोचना के बाद सरकार ने पिछले हफ़्ते कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय आयोग के गठन की घोषणा की थी. यह समिति वेतन आयोग की सिफ़ारिशों पर ग़ौर करेगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की शिकायतों को सुनने और उन्हें दूर करने के लिए सरकार एक तंत्र गठित करने के प्रस्ताव पर काम कर रही है. केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की शिकायत रही है कि प्राइवेट सेक्टर के मुकाबले उन्हें बहुत कम वेतन मिल रहा है. छठे वेतन आयोग ने केंद्र सरकार के अधिकारियों का वेतन 40 प्रतिशत तक बढ़ाने की सिफ़ारिश की थी. | इससे जुड़ी ख़बरें छठे वेतन आयोग ने रिपोर्ट सौंपी24 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस छठे वेतन आयोग से सेना नाख़ुश27 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस घोषणा ही नहीं, पैसा भी चाहिए01 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस सांसदों के वेतन में बढ़ोतरी होगी18 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति अब लखपति10 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||