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'सीलिंग पर सुप्रीम कोर्ट फ़ैसला करे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र सरकार का कहना है कि वह दिल्ली में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए गुरूवार से रिहाइशी इलाक़ों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सीलिंग नहीं करना चाहती. सीलिंग के मामले पर नज़र रखने के लिए गठित सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति ने मंगलवार को दिल्ली नगर निगम को निर्देश दिया था कि वह दो नवंबर से सीलिंग का काम दोबारा शुरू करे. केंद्रीय शहरी विकास मंत्री डॉक्टर जयपाल रेड्डी ने मंत्रियों के समूह की बैठक के बाद पत्रकारों को बताया दिल्ली नगर निगम और उनका मंत्रालय कल सुप्रीम कोर्ट को स्थिति से अवगत कराएगा. उन्होंने कहा, "दिल्ली में स्थिति बहुत ही तनावपूर्ण और नाज़ुक है और ऐसे में सरकार गुरूवार से सीलिंग का काम शुरू करने की इच्छुक नहीं है." रिहाइशी इलाक़ों में वर्षों चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है लेकिन सरकार का कहना है कि तनाव की वजह से इस निर्देश को दो नवंबर से लागू करना संभव नहीं है. सीलिंग मामले को लेकर बनाए गए मंत्रियों के समूह के अध्यक्ष गृह मंत्री शिवराज पाटिल हैं. शहरी विकास मंत्री ने उम्मीद प्रकट की कि "सब कुछ सुनियोजित तरीक़े से हो जाएगा." शहरी विकास मंत्री डॉक्टर रेड्डी ने यह बताने से इनकार कर दिया कि कल सीलिंग होगी या नहीं, उन्होंने इतना ही कहा कि "सुप्रीम कोर्ट को स्थिति से अवगत कराया जाएगा और फिर अदालत जैसा कहेगी वैसा ही किया जाएगा." यानी केंद्र सरकार ने गेंद अब सुप्रीम कोर्ट के पाले में डालने का फ़ैसला किया है और इस पर अदालत का क्या रूख़ होता है यह तो गुरूवार को ही पता चलेगा. सीलिंग अभियान के विरोध में बुधवार को भी दुकानदारों ने अपनी दुकानें लगातार तीसरे दिन बंद रखी थीं. दिल्ली में कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और यातायात को अवरूद्ध करने की कोशिश की जिसे रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. दिल्ली के दुकानदारों के संघ ने घोषणा की है कि गुरूवार को महानगर के बाज़ार खुलेंगे. |
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