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बंद के पहले दिन जनजीवन प्रभावित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली के रिहाइशी इलाक़ों में व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने के अभियान के विरोध में व्यापारियों के तीन दिनों के बंद का पहले दिन व्यापक असर देखने को मिला. इस दौरान राजधानी के कुछ इलाकों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच छिटपुट झड़पें भी हुईं. भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने अपनी गिरफ्तारियाँ भी दीं जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया. पिछले महीने सीलिंग के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी. इसको ध्यान में रखते हुए इस बार बड़ी तादाद में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे. कई मुख्य मार्गों पर पुलिस ने रुकावट लगा दी और दिल्ली के कुछ हिस्सों में आवागमन भी प्रभावित हुआ. स्थिति की संवेदनशीलता को समझते हुए मेट्रो रेल के कुछ रूट एक दिन के लिए बंद कर दिए गए थे. उधर कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस घेरा तोड़कर दिल्ली विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की और उस ओर जानेवाले प्रमुख मार्ग को जाम कर दिया. सोमवार को ही दिल्ली विधानसभा का सत्र भी शुरू हुआ है. व्यापारी संघ का कहना है कि यदि दो नवंबर तक इस समस्या का कोई हल नहीं निकला तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार एक नवंबर से दिल्ली में फिर सीलिंग अभियान शुरू होना है और इसके तहत लगभग 44 हज़ार दुकानों को सील किया जाना है. इसके पहले शनिवार को केंद्र सरकार ने सीलिंग अभियान को रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने का फ़ैसला किया था. बंद के दौरान सभी प्रमुख बाजार बंद रहे. बंद का असर आगामी दो दिनों तक जारी रहने की संभावना है. | इससे जुड़ी ख़बरें दिल्ली बंद, सड़कों पर उतरे व्यापारी29 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस सीलिंग पर पुनर्विचार याचिका का फ़ैसला28 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली के दुकानदारों को राहत नहीं मिली18 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाई17 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस अवैध निर्माण मामले पर विधेयक पारित12 मई, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली के अवैध निर्माणों पर कड़ा रुख़18 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में अतिक्रमण हटाओ अभियान19 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अवैध इमारतें गिराने का काम शुरू29 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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