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शुक्रवार, 12 मई, 2006 को 16:28 GMT तक के समाचार
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अवैध निर्माण मामले पर विधेयक पारित

अवैध निर्माण
दिल्ली में अवैध निर्माण गिराने का कई तबके के लोगों ने कड़ा विरोध किया था
भारत में केंद्र सरकार ने एक विधेयक पारित किया है जिसके तहत दिल्ली में अवैध निर्माणों को गिराने, रिहायशी इलाकों में चलने वाली दुकानों को सील करने और झुग्गियों को हटाने पर एक साल तक रोक लगा दी गई है.

शुक्रवार को हालांकि इस विधेयक को पेश किया जाना तय नहीं था मगर लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने कहा कि वो जनहित को ध्यान में रखते हुए इसे पेश करने की इजाज़त दे रहे हैं.

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि इससे हज़ारों लोगों को राहत मिलेगी और एक साल में समस्या का हल निकाल लिया जाएगा.

मगर ये सरकार और सु्प्रीम कोर्ट के बीच संघर्ष का एक मुद्दा बना हुआ है.

सुप्रीम कोर्ट का सीधा रुख़ यही है कि दिल्ली से अवैध निर्माणों को गिराया जाए और अवैध झुग्गियों को हटाया जाए.

अवैध निर्माणों को गिराए जाने और दुकानों को सील किए जाने के बाद लोगों में काफ़ी रोष था.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इसी के चलते सरकार ने बीच का रास्ता निकालने की कोशिश के तहत अदालत से बचने का रास्ता निकाला लगता है.

विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने संसद में हालांकि इस विधेयक का समर्थन किया है मगर साथ- साथ इसके प्रावधानों को अपर्याप्त बताया है.

दिल्ली से कांग्रेस के सांसद सज्जन कुमार का कहना है कि अगर भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर गंभीर होती तो अवैध निर्माणों को बहुत पहले ही वैध बनाया जा सकता था.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक दिल्ली में अगले साल होने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों ही दलों पर दबाव था कि वो अपने वोट बैंक को खिसकने से रोके.

उधर अखिल भारतीय व्यापारी संघ के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने यह कहते हुए सरकार के कदम का स्वागत किया है कि इससे लगभग पाँच लाख दुकानदारों को राहत मिलेगी.

लोकसभा में शिवसेना के सांसदों ने माँग की है कि ऐसे क़ानून को दिल्ली तक ही नहीं बल्कि अन्य शहरों के लिए भी लागू किया जाए.

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