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सीलिंग पर पुनर्विचार याचिका का फ़ैसला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र सरकार ने दिल्ली के रिहायशी इलाक़ों में व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने के अभियान को रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने का फ़ैसला किया है. ग़ौरतलब है कि एक नवंबर से दिल्ली के रिहायशी इलाक़ों में फिर से सीलिंग अभियान शुरू होना है और इसके तहत लगभग 44 हज़ार दुकानों को सील किया जाना है. गृह मंत्री शिवराज पाटिल, शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी और शहरी विकास राज्यमंत्री अजय माकन ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और राज्यपाल वीएल जोशी के साथ बैठक की. इसके बाद फ़ैसला किया गया कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट से सीलिंग अभियान पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करे. हालांकि दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त निगरानी समिति से सीलिंग अभियान 31 जनवरी, 2007 तक स्थगित करने की पहली ही अपील की हुई है. इसके पहले सु्प्रीम कोर्ट ने सीलिंग अभियान को 31 अक्तूबर के बाद टालने से इनकार कर दिया था. ग़ौरतलब है कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने दुकानें सील करने का काम शुरु किया था लेकिन इसका जमकर विरोध हुआ था. कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए थे जिसमें चार लोग मारे गए थे और अनेक घायल हुए थे. व्यापारियों का कहना है कि न्यायालय के आदेश से लगभग पाँच लाख लोगों की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें दिल्ली के दुकानदारों को राहत नहीं मिली18 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाई17 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस अवैध निर्माण मामले पर विधेयक पारित12 मई, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली के अवैध निर्माणों पर कड़ा रुख़18 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में अतिक्रमण हटाओ अभियान19 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अवैध इमारतें गिराने का काम शुरू29 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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