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दिल्ली बंद, सड़कों पर उतरे व्यापारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली के रिहायशी इलाक़ों में व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने के अभियान के विरोध में व्यापारियों का तीन दिनों का बंद सोमवार से शुरू हो गया है. इस दौरान राजधानी के तमाम इलाकों से पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच छिटपुट झड़पों की ख़बरें भी आ रही हैं. पिछले महीने सीलिंग के विरोध में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी. इसको ध्यान में रखते हुए इस बार बड़ी तादाद में राज्यभर में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. कई मुख्य मार्गों पर पुलिस ने रुकावट लगा दी है और दिल्ली के कुछ हिस्सों में आवागमन प्रभावित हुआ है. स्थिति की संवेदनशीलता को समझते हुए मेट्रो रेल के कुछ रूट सोमवार के लिए रोक दिए गए हैं. उधर कुछ प्रदर्शनकारी दिल्ली विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. विधानसभा से कुछ दूरी पर कुछ व्यापारियों और राजनीतिक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के घेराबंदी को तोड़ने की भी कोशिश की है. बंद अखिल भारतीय व्यापारी महासंघ ने 72 घंटे के इस बंद का आह्वान किया है. इस दौरान दिल्ली के बाज़ार बंद रहेंगे और व्यापारी धरना प्रदर्शन करेंगे. बंद के पहले दिन सोमवार को अखिल भारतीय व्यापारी महासंघ ने दिल्ली विधानसभा का घेराव करने की भी घोषणा की है. सोमवार को ही दिल्ली विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखे और किसी भी नियम-क़ानून का उल्लंघन न करें. मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इस बाबत बीबीसी से विशेष बातचीत में कहा, "हमने, भारत सरकार ने और दिल्ली नगर निगम ने इस मामले पर गठित निगरानी समिति और सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि सीलिंग के मसले पर दिल्ली में काफ़ी तनाव है. ऐसी स्थिति में अभी सीलिंग की कार्रवाई को रोक दिया जाना चाहिए क्योंकि हम सीलिंग नहीं कर पाएंगे." व्यापारी संघ का कहना है कि यदि दो नवंबर तक इस समस्या का कोई हल नहीं निकला तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी. व्यापारी संघ के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का कहना है,'' सरकार व्यापारियों को कोई भी राहत दिलवाने में असफल रही है और हम सीलिंग अभियान का पूरी तरह से विरोध करेंगे.'' सीलिंग अभियान ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार एक नवंबर से दिल्ली में फिर सीलिंग अभियान शुरू होना है और इसके तहत लगभग 44 हज़ार दुकानों को सील किया जाना है. इसके पहले शनिवार को केंद्र सरकार ने सीलिंग अभियान को रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने का फ़ैसला किया था. दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त निगरानी समिति से सीलिंग अभियान 31 जनवरी, 2007 तक स्थगित करने की अलग से अपील की हुई है. हालांकि सु्प्रीम कोर्ट सीलिंग अभियान को 31 अक्तूबर के बाद टालने से इनकार कर चुका था. उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने दुकानें सील करने का काम शुरु किया था लेकिन इसका जमकर विरोध हुआ था. कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए थे जिसमें चार लोग मारे गए थे और अनेक घायल हुए थे. व्यापारियों का कहना है कि न्यायालय के आदेश से लगभग पाँच लाख लोगों की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें सीलिंग पर पुनर्विचार याचिका का फ़ैसला28 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली के दुकानदारों को राहत नहीं मिली18 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाई17 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस अवैध निर्माण मामले पर विधेयक पारित12 मई, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली के अवैध निर्माणों पर कड़ा रुख़18 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में अतिक्रमण हटाओ अभियान19 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अवैध इमारतें गिराने का काम शुरू29 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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