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'दिल्ली बंद' की वजह से ठहरा महानगर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली के रिहाइशी इलाक़ों में व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने का विरोध कर रहे व्यापारियों ने शहर में कई जगह प्रदर्शन किए, ट्रैफ़िक जाम किया और पुलिस पर पथराव किया जिससे जन-जीवन प्रभावित हुआ है. विरोध प्रदर्शनों के आयोजकों ने अपने तीन दिनों के बंद के आख़िरी दिन बुधवार को कई सड़कें बंद कर दीं. शहर में अनेक बाज़ार भी बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में स्वास्थ्य सेवाएँ भी प्रभावित हुई हैं क्योंकि निजी क्लिनिक और नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने भी बुधवार को व्यापारियों को समर्थन दे दिया. लेकिन दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष केके कपूर ने समाचार एजेंसियों को बताया कि आपात स्वास्थ्य सेवाएँ जारी रहेंगी. लाठियाँ बरसाईं पूर्वी दिल्ली में 'नोएडा मोड़' पर बड़ा ट्रैफ़िक जाम कई घंटे रहा. अनेक लोग सुबह अपने काम पर नहीं पहुँचे या फिर कई घंटे देरी से पहुँचे. पूर्वी दिल्ली में ट्रैफ़िक रोके जाने पर पुलिस हरकत में आई और उसने जब रास्ता साफ़ कराने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पें हुई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बसों के टायर पंचर किए, सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाए, जलते टायरों से सड़कें रोकीं और पुलिसकर्मियों पर पत्थर भी बरसाए. दक्षिणी दिल्ली में मालवीय नगर और लाजपत नगर में सुबह काफ़ी देर ट्रैफ़िक जाम रहा जब वहाँ से प्रदर्शनकारी जुलूस निकाल रहे थे. पूर्वी दिल्ली में ही सीलमपुर में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए है और पुलिस वहाँ गश्त लगा रही है. कुछ हफ़्ते पहले वहाँ व्यापारियों की हड़ताल के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. |
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