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व्याकरण व्याख्यान 73 घंटे बिन व्यवधान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नामचीन होने की ख़्वाहिश लोगों से क्या-क्या नहीं कराती है. अब भारत में एक कॉलेज में पढ़ाने वाले संजय कुमार सिन्हा को ही देखिए, गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान पाने के लिए उन्होंने अनोखा तरीक़ा ढूँढ़ निकाला. मुंबई के संजय कुमार सिन्हा ने बिना रुके, बिना किसी व्यवधान के 60 बच्चों को तीन दिनों तक अंग्रेज़ी व्याकरण पढ़ाया. इस दौरान उन्होंने अपनी शिक्षण कला 73 घंटे 24 मिनट तक दिखाई. इस समय यह रिकॉर्ड पोलैंड के एल्ज़बिटा मैलिन्वोस्का के नाम है, जिन्होंने जून 2004 में 66 घंटे पढ़ाया था. सबसे तेज़ी से पाठ पढ़ाने के मामले में संजय कुमार सिन्हा का नाम भारतीय रिकॉर्ड बुक में पहले ही दर्ज है. गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान पाने के लिए संजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार सुबह से पढ़ाना शुरू किया था और रविवार सुबह तक पढ़ाना जारी रखा. अब आप सोच रहे होंगे कि संजय जी की ख़्वाहिश के बीच वे 60 विद्यार्थियों का क्या हश्र हुआ होगा. दरअसल पहले इसके लिए 72 छात्रों का चयन हुआ था और इसके लिए उनका टेस्ट हुआ था और मेडिकल जाँच भी. बाद में 12 छात्र अलग-अलग समस्याओं के कारण बीच में ही क्लास छोड़कर चले गए. लेकिन जो छात्र आख़िर तक डटे रहे, उनका मानना है कि उनके लिए सबसे ज़्यादा मुश्किल था रात बिताना. परेशानी 17 वर्षीय सुनील कुमार सोनी ने बताया कि वे पहले 24 घंटे बाद ही क्लास छोड़कर जाने का मन बना चुके थे. उन्होंने बताया, "मैं अपनी आँखें नहीं खोल पा रहा था. जगे रहना मेरे लिए काफ़ी मुश्किल था. मैं क्लास से बाहर जाना चाहता था लेकिन मेरे दोस्तों ने मुझसे रुके रहने को कहा और मैं रुक गया." एक अन्य छात्रा नियति पालकर ने बताया कि वह इस ख़ास क्लास का हिस्सा बनना चाहती थीं. लेकिन इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की भी आवश्यकता थी. संजय कुमार सिन्हा ने बीबीसी को बताया कि वे इस बात को लेकर काफ़ी ख़ुश हैं कि उन्होंने लगातार इतने समय तक पढ़ाया. संजय की मानें तो वे और तीन दिनों तक पढ़ाने के लिए तैयार थे. संजय ने बताया, "मैंने पिछले दो दिनों से कुछ नहीं खाया है लेकिन अभी भी मैं अपने आप को ऊर्जा से भरा हुआ महसूस कर रहा हूँ. मुझ पर अंग्रेज़ी व्याकरण पढ़ाने की धुन सी सवार है."
संजय ने बताया कि उन्होंने अपने छात्रों को भी अपने साथ जागते रहने के लिए क्या-क्या जतन किए. उन्होंने बताया कि कई बार वे अपने छात्रों से वाक्यों को पढ़ने और ज़ोर से जवाब देने को कहते थे. उन्होंने छात्रों को सवाल पूछ-पूछ कर पढ़ाई से बाँधे रखा. संजय ने बताया, "मैंने अपने पढ़ाने की कला ख़ुद विकसित की है जिसमें सवाल-जवाब होते हैं. मुझे इसकी प्रेरणा मिली है मशहूर बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन के कार्यक्रम कौन बनेगा करोड़पति से." संजय कुमार सिन्हा के छात्र जगे रहे इसके लिए विशेष व्यवस्था भी की गई थी. उनके लिए ऐसा भोजन तैयार किया गया था जिससे उन्हें जगाए रहने में मदद मिलती. आपात स्थिति के लिए एक मेडिकल टीम भी वहाँ मौजूद थी. 73 घंटे 24 मिनट तक चले इस क्लास की रिकॉर्डिंग हुई और अब इसे गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारियों के पास भेजा जाएगा. |
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