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'शांति प्रक्रिया को पलटना अब असंभव' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने रविवार को हुई चर्चा के बाद सोमवार को एक साझा बयान जारी किया है. इस बयान में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच चल रही शांति प्रक्रिया को अब वापस पलटे जाने की कोई संभावना नहीं है. कश्मीर विवाद के हल के लिए अब तक उठाए गए कदमों पर संतुष्टि ज़ाहिर करते हुए दोनों नेताओं ने आगे बात जारी रखने की बात भी संयुक्त बयान में कही है. पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की उपस्थिति में साझा बयान पढ़ते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और व्यापार-व्यसाय बढ़ाने की आवश्यकता है. उल्लेखनीय है कि परवेज़ मुशर्रफ़ तीन दिन की भारत यात्रा पर आए थे. वैसे तो वे भारत पाकिस्तान के बीच दिल्ली में आख़िरी वनडे मैच देखने आए थे लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाक़ात की. कश्मीर पर चर्चा से संतुष्ट साझा बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस अवसर का उपयोग भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्तों की समीक्षा के लिए किया है.
साझा बयान में कहा गया है कि जम्मू कश्मीर के विवाद को हल करने के लिए दोनों देश पूरी गंभीरता से उद्देश्यपूर्ण चर्चा जारी रखेंगे. दोनों नेताओं ने कहा है कि वे इस मसले पर अब तक हुई चर्चा से संतुष्ट हैं और दोनों देशों की जनता के लिए शांति बहाली के लिए वे चर्चा को आगे बढ़ाएँगे. दोनों नेताओं ने कहा कि वे नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के लोगों के बीच संपर्क और सहयोग बढ़ाने के मामले को आगे बढ़ाएँगे और इसके लिए दोनों ओर के परिवारों के मिलने के लिए जगहें सुनिश्चित करेंगे और दोनों ओर के लोगों के बीच व्यापार, तीर्थ और सांस्कृतिक आदान प्रदान को बढ़ावा देंगे. श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा में अवरोध की कोशिशों की निंदा करते हुए दोनों नेताओं ने कहा है कि वे चरमपंथ को शांति प्रक्रिया में बाधा पहुँचाने की अनुमति नहीं देंगे. दोनों पक्षों ने फ़ैसला किया कि बस के फेरे बढ़ाए जाएँगे. व्यापार-व्यवसाय बयान में कहा गया है कि नियंत्रण रेखा के दोनों ओर ट्रकों को आने जाने की अनुमति दी जाएगी जिससे व्यापार को बढ़ावा दिया जा सके. व्यापार-व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के बीच संयुक्त आर्थिक आयोग को फिर शुरु करने और संयुक्त वाणिज्य परिषद की बैठक जल्दी शुरु करने पर भी सहमति हुई है. इसके अलावा दोनों पक्ष पूंछ और रावलाकोट के बीच अतिरिक्त मार्ग खोलने के लिए सहमति ज़ाहिर की और उम्मीद जताई कि अमृतसर से लाहौर और ननकाना साहिब के बीच बसें जल्दी शुरु हो जाएगी. खोखरापार-मुनाबाव रेल सेवा पहली जनवरी 2006 से शुरु करने पर भी सहमति हुई है. दोनों देशों के बीच इस पर भी सहमति हुई है कि मुंबई और कराची में वाणिज्य दूतावास इस साल के अंत तक शुरु कर दिए जाएँगे. दोनों पक्ष संतुष्ट अपने बयान में दोनों नेताओं 6 जनवरी 2004 और न्यूयॉर्क में 24 सितंबर को 2004 को हुई चर्चा के बाद जारी संयुक्त बयानों के प्रति वे प्रतिबद्ध जताते हुए दोनों नेताओं ने कहा है कि वे शांति प्रक्रिया में अब तक हुई प्रगति से संतुष्ट हैं.
दोनों नेताओं ने 27-28 दिसंबर 2004 और 15-17 फ़रवरी 2005 में विदेश सचिवों के बीच हुई वार्ता की प्रगति पर भी संतुष्टि ज़ाहिर की. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अलावा हुर्रियत काँफ़्रेंस के नेताओं से भी मुलाक़ात की. भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान आने का न्यौता परवेज़ मुशर्रफ़ ने दिया है जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है. मनमोहन सिंह के पाकिस्तान जाने की तिथि बाद में तय की जाएगी. |
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