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मुशर्रफ़ को शांति प्रक्रिया से उम्मीद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मामले पर जारी शांति प्रक्रिया रूकेगी. 16 अप्रैल से शुरू होनेवाली अपनी भारत यात्रा से पहले उन्होंने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए गए एक साक्षात्कार में ये कहा. उन्होंने फिर कहा कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच की नियंत्रण रेखा को अंतरराष्ट्रीय सीमा बनाने पर कभी भी सहमत नहीं होगा. मुशर्रफ़ ने कहा कि उन्हें तत्काल किसी हल की उम्मीद नहीं है मगर उन्हें आशा है कि दोनों पक्ष आपसी हितों को ढूंढने की दिशा में प्रगति करेंगे. साथ ही उन्होंने ये कहते हुए शांति प्रक्रिया में प्रगति की उम्मीद जताई कि भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शांति बनाए जाने को लेकर गंभीर है. उन्होंने कहा,"अगर नेतृत्व उद्देश्य के प्रति गंभीर है तो मुझे लगता है कि बात आगे बढ़ सकती है". सॉफ़्ट बोर्डर अपने साक्षात्कार में मुशर्रफ़ ने नियंत्रण रेखा को अंतररराष्ट्रीय सीमा बनाने को एक हल मानने से तो इनकार कर दिया मगर उन्होंने नियंत्रण रेखा को अस्थायी सीमा में बदले जाने के लिए सहमति का संकेत दिया. हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ये कोई अंतिम समाधान नहीं होगा. मुशर्रफ़ ने श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा शुरू किए जाने पर खुश़ी जताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच यातायात संपर्क के और रास्ते खोले जाने चाहिए. मुशर्रफ़ ने कहा, "यह(बस सेवा) निश्चय ही इसे(नियंत्रण रेखा को) एक 'सॉफ़्ट बॉर्डर' में बदले जाने की दिशा में पहला क़दम है." उन्होंने कहा, "हमने और मार्ग खोले जाने का सुझाव दिया है. सॉफ़्ट बॉर्डर से मेरा यही मतलब है." अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए मुशर्रफ़ ने कहा, "हम नियंत्रण रेखा को अंतिम समाधान के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते." उल्लेखनीय है कि पिछले साल मुशर्रफ़ ने कश्मीर समस्या के कई हल सुझाए थे, लेकिन भारत ने यह कहते हुए उनके सुझावों को ठुकरा दिया था कि उससे फिर से सीमाएँ तय किया जाना मंज़ूर नहीं. उम्मीद मुशर्रफ़ ने कश्मीर मसले के समाधान की उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच चल रही शांति प्रक्रिया को अब रोका नहीं जा सकता. भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ़ करते हुए मुशर्रफ़ ने कहा कि उन्हें भारत यात्रा के दौरान मसले के समाधान की उम्मीद तो नहीं ही है, लेकिन किसी तरह की सहमति बनने की आशा करते हैं. पाकिस्तानी राष्ट्रपति भारत-पाकिस्तान एकदिवसीय क्रिकेट मैच देखने दिल्ली जा रहे हैं. उनका प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने का भी कार्यक्रम है. इससे पहले वह 2001 में आगरा शिखर बैठक के लिए भारत गए थे. |
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