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पासवान का नीतिश को न्यौता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार में किंगमेकर की भूमिका में उभरे नेता रामविलास पासवान ने नीतिश कुमार की पार्टी जेडी (यू) को भाजपा से दूरी रखकर सरकार बनाने के बारे में बातचीत का न्यौता दिया है. बीबीसी से एक विशेष बातचीत में उन्होंने कहा,"अगर जेडी (यू) पहल करे और भाजपा से अलग हटकर सरकार बनाने की प्रक्रिया पर बातचीत करे तो इस विकल्प पर सोचा जा सकता है." एक दिन पहले तक बिहार में त्रिशंकु विधानसभा की सूरत में राष्ट्रपति शासन को एकमात्र विकल्प बतानेवाले पासवान ने मंगलवार को कहा कि ऐसी स्थिति से बचा जाना चाहिए. उन्होंने कहा,"मेरी नज़र में राष्ट्रपति शासन अंतिम विकल्प होना चाहिए". ये पूछे जाने पर कि बिहार में यूपीए की सरकार नहीं बनने की सूरत में वे क्या मनमोहन सिंह सरकार में मंत्रिपद छोड़ देंगे, उन्होंने कहा कि ऐसी कोई शर्त नहीं आनी चाहिए. रामविलास पासवान ने बताया कि नतीजे आने के बाद उनकी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात हुई है और वे उनसे जल्दी ही मिलेंगे. पासवान ने ये भी संकेत दिए कि उनकी पार्टी और जेडी(यू) की सरकार बनने की संभावना बनने पर जेडी(यू) को कांग्रेस से भी बात करनी होगी. उधर जेडी(यू) की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेशाध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह ने कहा है कि बिहार से लालू-राबड़ी राज के ख़ात्मे के लिए उनकी पार्टी किसी भी तरह के त्याग के लिए तैयार है और इसमें नीतिश कुमार को उनकी पार्टी की ओर से कोई परेशानी नहीं होगी. समीकरण
बिहार में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद तीन तरह के समीकरण उभरे हैं. 243 सदस्यों वाली विधानसभा में सरकार बनाने की जादुई संख्या 122 है. चुनाव में सर्वाधिक सीटें जीतनेवाली पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू यादव ने भाजपा, जेडी(यू), समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को छोड़कर अपने पास 138 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. मगर इस संख्या में उन्होंने पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी, वाम दलों (सीपीआई और सीपीआईएम) तथा निर्दलीय विधायकों को शामिल किया है. उधर जेडी(यू) नेता नीतिश कुमार ने आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों को छोड़कर कुल 145 सदस्यों के समर्थन की बात की है. इस संख्या में उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी और निर्दलीय विधायकों को शामिल किया है. उधर रामविलास पासवान की पार्टी का अंकगणित 132 सीटों को अपने पक्ष में दिखाता है. इसमें भाजपा और आरजेडी के अलावा बाक़ी सभी दलों को शामिल बताया गया है जिसमें जेडी(यू) भी है. इन तीनों समीकरणों में जो पेंच है वो है लोक जनशक्ति पार्टी और निर्दलीय विधायकों का जिनकी संख्या मिलकर 47 होती है. ऐसे में सरकार उसी की बनेगी जिधर ये जाएँगे. मगर विभिन्न दलों के नेताओं के बयान से ये लगता नहीं है और ऐसे में प्रेक्षकों की राय में राज्य में राष्ट्रपति शासन की संभावना अधिक मज़बूत लगती है. |
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