BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 28 फ़रवरी, 2005 को 03:37 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
अब राजभवनों की राजनीति का दौर
लालू और पासवान
लालू और पासवान के बीच आए दरार का असर बिहार के परिणामों पर दिखाई दिया
जिन तीन राज्यों के चुनाव परिणाम रविवार को घोषित हुए हैं उनमें से हरियाणा ही एक ऐसा राज्य है जहाँ जनादेश निर्णायक है और वहाँ काँग्रेस को दो तिहाई बहुमत मिला है.

बिहार और झारखंड के चुनाव परिणामों से स्पष्ट है कि किसी भी दल को स्पष्ट जनादेश नहीं मिला है और सरकार बनाने के सूत्र या तो छोटे दलों के हाथों में होंगे या फिर निर्दलियों के हाथों में.

ऐसे में हरियाणा की गतिविधियाँ तो फ़िलहाल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के निवास 10 जनपथ में केंद्रित रहेंगी क्योंकि अब वहाँ प्राथमिकता मुख्यमंत्री का नाम तय करना है.

लेकिन बिहार और झारखंड में बहुमत के दावे-प्रतिदावे इतने हैं कि लगता है कि सोमवार से राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में राजभवन रहेंगे क्योंकि सभी गुट राज्यपाल के सामने सरकार बनाने के दावे रखने की बातें कह रहे हैं.

बिहार

बिहार में 243 सीटों में से एनडीए को 93 सीटें मिली हैं. सत्ताधारी राष्ट्रीय जनता दल गठबंधन दूसरे नंबर पर है और उसने 77 सीटें जीती हैं.

पासवान की लोकजनशक्ति ने 30 सीटें जीती हैं जबकि कांग्रेस ने सिर्फ़ दस.

निर्दलीय और अन्य पार्टियों के खाते में 33 सीटें गई हैं. इनमें सीपीआई (एम-एल), समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस जैसी पार्टियाँ शामिल हैं.

सोनिया गाँधी
बिहार में नज़रें अब सोनिया गाँधी पर भी हैं

बिहार में जैसी राजनीतिक परिस्थियाँ हैं उसमें फ़िलहाल तो किसी के पास वह जादुई नंबर नहीं है कि वह सरकार बना ले. लेकिन दावे दोनों गुटों के पास है.

एक ओर एनडीए कह रहा है कि जनादेश लालू के ख़िलाफ़ है और वे सबसे बड़े गठबंधन हैं इसलिए वे सरकार बनाने का दावा करेंगे और दूसरी ओर लालू प्रसाद यादव कह रहे हैं कि जनादेश सेक्यूलरिज़्म को मिला है इसलिए वे सरकार बनाने का दावा करेंगे.

दिलचस्प यह है कि दोनों ही गुट मान रहे हैं कि वे रामविलास पासवान को मना लेंगे और उनके समर्थन से सरकार बन जाएगी. निर्दलियों से भी उम्मीदें कम नहीं हैं.

लेकिन रामविलास पासवान अभी तक तो कह रहे हैं कि न तो वे आरजेडी को समर्थन देंगे और न ही एनडीए को.

ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी पर सबकी नज़र लगी हुई हैं कि यूपीए सरकार के दो सहयोगी दलों के बीच वे किस तरह का तालमेल बिठा पाती हैं.

सोनिया गाँधी सोमवार को दिल्ली में दोनों नेताओं से मिलने वाली हैं.

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बिहार के राजनीतिक समीकरण कुलमिलाकर रामविलास पासवान के हाथों में ज़्यादा हैं दोनों गठबंधनों के हाथों में कम.

झारखंड

उधर झारखंड में सभी 81 सीटों के नतीजे मिल गए हैं और इनमें से 36 सीटें एनडीए ने जीत ली है.

शिबु सोरेन
शिबु सोरेन ने भी कहा है कि वे सरकार बनाने का दावा पेश करने जा रहे हैं

कांग्रेस-झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन ने 26 सीटें जीती हैं. लालू प्रसाद यादव की आरजेडी ने सात सीटें जीती हैं. अन्य पार्टियों के खाते में 12 सीटें आई हैं.

झारखंड में भी दोनों गठबंधन दावा कर रहे हैं कि वे सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के सामने अपने दावे पेश करेंगे.

लेकिन राजभवन का फ़ैसला तो तब आएगा जब ज़मीन पर राजनीतिक जोड़तोड़ पूरी हो जाएगी.

एक ओर तो एनडीए के नेता मान रहे हैं कि कुछ निर्दलियों के साथ वे सरकार बना ही लेंगे क्योंकि उन्हें बहुमत के लिए सिर्फ़ पाँच विधायकों की ज़रुरत होगी.

लेकिन दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबु सोरेन मान रहे हैं कि निर्दलीय उन्हें ही समर्थन देंगे.

उधर एक तीसरी मुहिम यह चल रही है कि निर्दलीय स्टीफ़न मरांडी के नेतृत्व में एक गुट बनाकर ख़ुद सरकार बनाने का दावा पेश करें. इनका दावा है कि यह कांग्रेस आलाकमान की हरी झंडी के बाद हो रहा है.

हरियाणा

भजनलाल
भजनलाल ने दावा पेश करते हुए कहा है कि उन्हें अनुभव के आधार पर चुना जाना चाहिए
हरियाणा में सभी परिणाम आ गए हैं. वहाँ कांग्रेस की भारी जीत का पूर्वानुमान लगाया जा रहा था और हुआ भी यही है.

लेकिन कांग्रेस यहाँ किसको मुख्यमंत्री बनाएगी, इसके लिए काफ़ी पहले से ही कई उम्मीदवार ताल ठोंक रहे हैं.

सबसे पुख़्ता दावा तो भजनलाल का है लेकिन राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं इतने भारी बहुमत के बाद कांग्रेस आलाकमान पर कोई दबाव नहीं दिखता और हो सकता है कि पार्टी किसी युवा नेता को सामने लाना चाहे.

वैसे वहाँ भजनलाल के अलावा भूपिंदर सिंह हुडा, चौधरी वीरेंदर सिंह, शैलजा और रणदीप सुरजेवाला का नाम मुख्यमंत्री पद के दावेदार माना जा रहा है.

लालू यादवसमीकरण पर सवाल
बिहार विधानसभा चुनाव में लालू प्रसाद के एम-वाई समीकरण पर सवाल उठे हैं.
राघोपुर की मतदाताराबड़ी के आने की आस
राघोपुर विधानसभा क्षेत्र की महिला मतदाता मुख्यमंत्री की बाट जोह रही हैं.
बिहार परिचर्चाअपनी-अपनी चिंताएँ
बेगूसराय में गाँव और शहर के नौजवानों के बीच हुई परिचर्चा में कई मुद्दे उभरे.
चुनाव चिन्ह वापसी की कवायदचुनाव चिन्ह की लड़ाई
झारखंड चुनावों में एक चुनाव चिन्ह ऐसा है जो गोवा की पार्टी के पास है.
वामपंथीवामपंथी दलों का असर
बिहार और झारखंड में वामपंथी दलों का असर कहीं नरम है तो कहीं गरम.
इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>