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'यूपीए सरकार के भविष्य पर असर नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रीय जनता दल नेता लालू यादव और लोक जनशक्ति पार्टी नेता रामविलास पासवान ने स्पष्ट किया है कि बिहार में उनकी राजनीतिक लड़ाई का संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार पर कोई असर नहीं होगा. बिहार विधानसभा चुनावों में दोनो ही नेता आरोप-प्रत्यारोप के बीच वाक-युद्ध लड़ रहे हैं और जमकर एक दूसरे को बुरा-भला कह रहे हैं. वहाँ तीसरे चरण का मतदान 23 फ़रवरी को होगा. बीबीसी हिंदी सेवा के साप्ताहिक कार्यक्रम आपकी बात, बीबीसी के साथ में बिहार के तीन दिग्गज नेताओं -- लालू यादव, रामविलास पासवान और जनता दल (यू) के नीतिश कुमार ने श्रोताओं के सवालों के जवाब दिए. लालू यादव ने तो यहाँ तक कहा कि रामविलास पासवान के साथ हाथ मिलाना उनकी भूल थी. उनका आरोप था की लोक जनशक्ति पार्टी में अपराधिक तत्व एकत्र हो गए हैं और इसीलिए उन्हें रामविलास पासवान से नाता तोड़ना पड़ा. लालू यादव का कहना था कि यूपीए सरकार का भविष्य सुरक्षित है और उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता जबकि रामविलास पासवान तो छह साल सांप्रदायिक ताकतों के साथ रहे हैं. विकास लालू यादव से पूछा गया कि 15 साल बिहार में सत्ता से जुड़े रहने के बाद भी राज्य में विकास न होने उनका कहना था कि बिहार में ग़रीबों के लिए इंदिरा आवास योजना के तहत 25 लाख घर बनाए गए और संसाधन न होने के बावजूद 600 करोड़ रुपए उन क्षेत्रों में ख़र्च किए गए जहाँ बार-बार बाढ़ आ जाती है.
उधर रामविलास पासवान ने आरोप लगाया कि 15 साल में स्थिति बद्तर हुई है. तीखी आलोचना करते हुए नीतिश कुमार ने कहा कि विकास के किसी भी मापदंड पर देखा जाए तो लालू यादव और फिर राबड़ी देवी की सरकार विफल रही है. उन्होंने मूलभूत ढ़ाँचे, निर्माण कार्यों, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में सत्ताधारी पक्ष की असफलताएँ गिनाईं. नीतिश कुमार का कहना था कि जहाँ भारत में राष्ट्रीय स्तर पर ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वालों की संख्या 26 प्रतिशत है वहीँ बिहार में ये संख्या 47 प्रतिशत है. क़ानून व्यवस्था क़ानून व्यवस्था की स्थिति ख़राब होने पर पूछे जाने पर लालू यादव ने आरोप लगाया कि जो लोग ऐसा कह रहे हैं उन्हीं कि पार्टियों के संबंध आपराधिक तत्वों से हैं. उनका कहना था कि बच्चे तो अगवाह पंजाब में भी हो रहे हैं लेकिन मीडिया ने बिहार की क़ानून व्यवस्था को ही अपना एजेंडा बना लिया है. लालू यादव ने यहाँ तक कह दिया कि डॉक्टर डॉक्टरों के और व्यापारी व्यापारियों के अपहरण करवा रहे हैं. रामविलास पासवान का कहना था कि यदि उन्हें मौका मिला तो पहली प्राथमिकता क़ानून व्यवस्था ठीक कर, समाज को भयमुक्त करना होगा. उन्होंने सामाजिक समरस्ता का टूटना और सत्ता का केंद्रीयकरण भी राष्ट्रीय जनता दल सरकार की बड़ी ख़ामियों में गिनाया. बाढ़ लालू यादव का कहना था कि उत्तरी बिहार में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए कमला, कोसी आदि नदियों पर बांध बनाने के लिए नेपाल सरकार से बात की जा रही है. लेकिन नीतिश कुमार का आरोप था कि वाजपेयी सरकार के समय में इस बारे में उठाए कदमों को ही लालू यादव अपनी उपलब्धी बता रहे हैं. लालू का कहना था कि बिहार के लिए विशेष पैकेज और पिछड़े राज्यों के लिए विशेष धन-राशि उनकी उपलब्धियाँ हैं. लेकिन नीतिश कुमार का कहना था कि पिछड़े वर्ग की राजनीति के बहाने लालू कब्ज़े की राजनीति कर रहे हैं. उनका कहना था कि कुछ हद तक तो बिहार का पिछड़ापन लालू को विरासत में मिला लेकिन 15 साल के लंबे समय के शासनकाल की असफलताओं से इतनी आसानी से बचा नहीं जा सकता. उधर लालू का आरोप था के ये पिछड़ेपन की बात 'बकवास' है और ऐसी बातें करने वाले एक साधारण महिला - राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री बनने से जलते हैं. नीतिश का कहना था कि बिहार के विकास के लिए मूलभूत ढ़ाँचे का निर्माण, निवेश का वातावरण, कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन और मेहनती बिहारियों को उनकी मेहतन का उचित मूल्य मिलना ज़रूरी है. |
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